राज्य की राजधानी के आसपास बढ़ती आबादी और विकास की मांग के प्रबंधन के उद्देश्य से, उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के गठन के संबंध में अधिसूचना जारी की है।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा अनुमोदित इस निर्णय से उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (UP-SCRDA) की स्थापना हो गई है, जो विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की देखरेख करेगा तथा नव परिभाषित क्षेत्र में प्रभावी संसाधन प्रबंधन सुनिश्चित करेगा।
UP-SCRDA में शामिल जिलें
लखनऊ SCR में राज्य की राजधानी के साथ-साथ आसपास के हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी जिलों को शामिल किया गया है। इसका कुल क्षेत्रफल 27,826 वर्ग किलोमीटर होगा। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या के दबाव और नियोजित विकास की मांग को देखते हुए सितंबर 2022 में इस परियोजना की शुरुआत की थी।
UP-SCRDA क्या परियोजना का मकसद
परियोजना की शुरुआत को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा था, विभिन्न शहरों से लोग यहां आकर अपना स्थायी निवास बनाना चाहते हैं। आसपास के जिलों में जनसंख्या का दबाव भी बढ़ रहा है और हमें अक्सर अनियोजित विकास की शिकायतें मिलती हैं। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तर्ज पर ‘उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र’ का गठन किया जाना चाहिए। UP-SCRDA के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव, लखनऊ और अयोध्या के मंडलायुक्त, संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और विभिन्न विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष भी शामिल होंगे।

