जेपी नड्डा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में शामिल होने के बाद भाजपा को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया है कि इस महीने के अंत में प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे से लौटने के बाद पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष चुना जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष का चुनाव पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा किया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पार्टी का संसदीय बोर्ड श्री नड्डा को अपने पद पर बने रहने के लिए भी कह सकता है और कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर सकता है, भले ही पार्टी में एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत हो।
पार्टी अध्यक्ष का कार्यकाल अगले साल जनवरी से शुरू होगा
अगर ऐसा होता है तो कार्यकारी अध्यक्ष सदस्यता अभियान और संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया वर्ष के अंत तक पूरी होने तक नड्डा अपने पद पर काम करते रहेंगे। भाजपा संविधान के अनुसार, 50 प्रतिशत राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे होने के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। सदस्यता अभियान जुलाई में शुरू होगा और करीब छह महीने तक चलेगा। दिसंबर-जनवरी में नए अध्यक्ष का चुनाव होगा।कार्यकारी अध्यक्ष को पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में भी चुना जा सकता है। निर्वाचित अध्यक्ष का कार्यकाल जनवरी 2025 से शुरू होगा।
अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा बने थे अध्यक्ष
जेपी नड्डा को 2019 में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और जनवरी 2020 में औपचारिक रूप से उनका चुनाव हुआ। 2019 में पार्टी की कमान संभाल रहे अमित शाह को पीएम मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में गृह मंत्री बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी किसी और को दी जानी चाहिए। जिसके बाद संसदीय बोर्ड ने 17 जून 2019 को श्री नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था। उन्होंने 20 जनवरी 2020 को पूर्णकालिक पार्टी अध्यक्ष का पदभार संभाला और उनका कार्यकाल इस साल जनवरी में समाप्त हो गया। लेकिन आम चुनावों को देखते हुए श्री नड्डा को जून के अंत तक का विस्तार दिया गया था।

