संसद के विशेष सत्र का आज चौथा दिन लोकसभा और राज्यसभा में चल रहा है महिला आरक्षण बिल राज्यसभा में पेश हो गया है और अब बिल पर चर्चा चल रही है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बिल पेश करते हुए कहा कि सदन में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होना देश के लिए बहुत बड़ा कदम है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर राज्यसभा में बहस जारी
छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2024 चुनाव के लिए महिला आरक्षण बिल की लॉलीपॉप लाकर वोट हासिल करना है। जब नए संसद का उद्घाटन हुआ तो देश की महामहिम महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नहीं बुलाया गया और महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं। एक तरफ तो आप लोग महिलाओं को उंचे स्थान पर बैठाते हैं लेकिन अधिकार के नाम पर सम्मान के आधार पर आप लोग उन्हीं महिला को पीछे हटा देते हैं।
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भाजपा के राष्ट्रटीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा 21वीं सदी महिलाओं की
वहीं विपक्ष के इस निशाने का पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि आज की 21वीं सदी महिलाओं की है और देश में महिलाएं खुद को अपने आप लीडिंग रोल में लेक आई हैं। हमारी सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर महिलाओं को सम्मान देने का काम कर रही है। तो विपक्ष ने बिल को लेकर कहा कि लागू होने में इतनी देरी क्यों? बिल में कुछ महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं?
इस पर जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि महिलाओं को किस सीट पर कितना रिजर्वेशन मिले और किस सीट पर नहीं मिले ये काम आयोग करेगा इससे पहले ये जरूरी है कि जनगणना हो जाए और परिसिमन हो जाए राज्यसभा में भी बिल पास हो जाए तो साल 2029 तक 33 प्रतिशत महिलाएं सांसद बनकर संसद में आ जाएंगी और अगर बिल पास नहीं हुआ तो ऐसा नहीं हो पाएगा।
AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के भी बयान का जेपी नड्डा ने किया पलटवार
वहीं AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए था कि अगर प्रधानमंत्री ओबीसी हैं तो वह अपने समुदाय का ख्याल क्यों नहीं रखते क्यों महिला आरक्षण बिल में ओबीसी समाज की महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं है तो इस पर आज राज्यसभा में जेपी नड्डा ने इस बात का पलटवार करते हुए कहा आज 27 मंत्री ओबीसी से हैं, बीजेपी में 303 सांसदो में से 29 फीसदी सांसद ओबीसी हैं और ये आंकड़ा तो लोकसभा का है केवल और आप तो ओबीसी को गाली देते हैं उनसे माफी भी नहीं मांगते तो ऐसे में ये निशाना साधना कहां तक सही बैठता है।

