सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर शहर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने मंदिरों का भ्रमण किया। सुबह पांच बजे से ही प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपना अनुष्ठान कर सकें। जलार्पण के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख मंदिरों के बाहर बैरिकेडिंग लगाई गई। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन की व्यवस्था की गई। कई स्थानों पर मंदिर परिसर के भीतर गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया।
शिविरों में पानी और बिजली की समुचित व्यवस्था
एडीसीपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि कांवड़ शोभा यात्रा के लिए चिल्ला बॉर्डर, शनि मंदिर, कांवड़ शिविर, डीएनडी कैंप, ओखला पक्षी विहार मार्ग, कालिंदी कुंज पुल और बॉर्डर तथा सेक्टर 126 क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कांवड़ियों से बातचीत की और शिविरों का निरीक्षण किया। शिविरों में पानी और बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को ब्रीफ कर आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सुबह मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
सावन के चलते मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़
एडीसीपी मनीष मिश्रा ने बताया कि सावन माह में कांवड़ यात्रा के चलते मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ उमड़ती है। सावन के पहले सोमवार से ही लोग मंदिरों में जल चढ़ाना शुरू कर देते हैं। इसी के तहत मंदिरों और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नोएडा में सेक्टर-2 लाल मंदिर, हनुमान मंदिर, सेक्टर-12 कलिरिया बाबा मंदिर, सेक्टर-49 वोडा महादेव मंदिर और सर्फाबाद समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया और विभिन्न मंदिरों में भगवान भोलेनाथ को समर्पित भजन-कीर्तन का दौर जारी रहा।

