Noida News : स्वच्छता सर्वेक्षण मामले में पहली बार एक पायदान ऊपर चढ़ते हुए नोएडा ने वाटर प्लस सर्टिफिकेट पाया है। इसके अलावा पिछले साल की तरफ इस बार भी गारबेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रैकिंग पाई है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की फाइनल रैकिंग आज 11 जनवरी दोपहर को घोषित की जाएगी। इस दौरान वाटर प्लस और गारबेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रैकिंग का सर्टिफिकेट भी नोएडा प्राधिकरण को दिए जाएंगे।
तीन चार साल से नोएडा प्राधिकरण वाटर प्लस सर्टिफिकेट का कर रहा था प्रयास अब मिलने जा रही सफलता
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की तरफ से पहले ही दोनों सर्टिफिकेट ऑनलाइन अपलोड कर दिए गए थे। इसके तहत नोएडा ने ऊंची छलांग लगाई है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक वाटर प्लस सर्टिफिकेट पाने के लिए तीन-चार साल से प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन अब जाकर सफलता हाथ लगी है। यूपी में इन मानक पर नोएडा नंबर-1 की श्रेणी में शामिल हो गया है।
ये भी पढ़ें : UP Ayodhya Ram Mandir : अगरबत्ती के बाद अब राम मंदिर रौशन होगा 1100 किलो दीपक से
बता दें नोएडा स्वच्छता सर्वेक्षण में 3 से 10 लाख तक की जन संख्या की श्रेणी में प्रतिभाग करता आया है। इस क्रम में सन 2018 में नोएडा की रैंक 324 रही 2019 में 150 और प्रदेश में प्रथम स्थान मिला। 2019 में नोएडा को गारबेज फ्री सिटी कैटेगरी में 3 स्टॉर रैकिंग ओपन डिफेक्शन फ्री सिटी कैटगेरी में ओडीएफ प्लस प्लस मिला। 2020 में 25वीं रैंक और 2021 में 4 रैंक हासिल की।
क्लीनेस्ट मीडियम सिटी और 5 स्टॉर गारबेज फ्री सिटी नोएडा की लगातार प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ा रही
क्लीनेस्ट मीडियम सिटी और 5 स्टॉर गारबेज फ्री सिटी के साथ लगातार प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ा रहा है। यही वजह है 2022 में 5वीं रैंक के साथ बेस्ट सेल्फ ससटेनिबिलिटी सिटी चयनित किया गया। 2023 का परिणाम 11 जनवरी को आएगा। यही नहीं नोएडा में एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया। वहां 5 हजार स्वच्छता कर्मियों के चेहरे की पहचान कर उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति लगाई जाती है।
शहर में मैकेनिकल स्वीपिंग सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यहां त्रिपल आर के जरिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है। यहां नालों में बांबू स्क्रीन और एमएस बार स्क्रीन का प्रयोग किया जा रहा है। ताकि फ्लोटिंग मेटेरियल बाहर निकालकर निस्तारण किया जा सके।
वाटर प्लस सर्टिफिकेट स्वच्छता की श्रेणी में ऊपरी पायदान की श्रेणी
अभी तक ओडीएफ प्लस प्लस का सर्टिफिकेट नोएडा के पास था। वाटर प्लस इससे एक ऊपर पायदान की श्रेणी होती है। शौचालय और सीवेज लाइन का नेटवर्क जोड़ने की वजह से वाटर प्लस नोएडा को मिला है। गारबेज फ्री सिटी का पुरस्कार लोगों के घरों से कूड़ा लेना, उसको पृथक-पृथक करना और उसका निस्तारण करने की वजह से मिला है।

