Noida News: आज ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर नोएडा में जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नोएडा सेक्टर-8 से शुरू हुआ। इस दौरान जुलूस में शामिल मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन की याद में नात और नज्म पढ़कर अपनी अकीदत का इजहार किया। इसके अलावा दादरी, जेवर और ग्रेटर नोएडा के अन्य इलाकों में भी जुलूस निकाले गए। इस दौरान पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की।
जिले भर में निकाले गए जुलूस
नोएडा के सेक्टर-8 में ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला गया। पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन की खुशी में लोगों ने नात पढ़कर और कलाम पेश कर अपनी अकीदत का इजहार किया, वहीं अखाड़ों द्वारा पारंपरिक प्रदर्शन भी किए गए। हर साल की तरह इस साल भी नोएडा में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इस मौके पर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
साथ ही यातायात बाधित न हो, इसके लिए कुछ रूट डायवर्ट किए गए थे। इस दौरान दादरी थाना क्षेत्र में भी मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने जुलूस निकाला। इस दौरान लोगों ने पैगंबर की तारीफ में नज्में गाईं और उनके प्रति अपनी मोहब्बत का इजहार किया। जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने दुनिया को इंसानियत की राह दिखाई। दया, सहनशीलता, मानवता की सेवा और भाईचारे का उनका संदेश हमेशा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
ईद मिलाद-उन-नबी क्यों मनाई जाती है
ईद मिलाद-उन-नबी आज है। इस्लाम में इस त्योहार का खास महत्व है। मुसलमान इस त्योहार को पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के तौर पर मनाते हैं। इसे ईद-ए-मिलाद के नाम से भी जाना जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक यह त्योहार हर साल रबी-उल-अव्वल की 12 तारीख को मनाया जाता है।
पैगंबर मोहम्मद के जन्म से जुड़ा इतिहास
गौरतलब है कि पैगंबर मोहम्मद का जन्म 571 ई. में अरब के मक्का शहर में हुआ था। कहा जाता है कि जब पैगंबर मोहम्मद 6 साल के थे, तब उनकी मां का निधन हो गया था। उसके बाद उनके चाचा अबू तालिब और दादा अब्दुल मुत्तलिब ने उनका पालन-पोषण किया। पैगंबर मोहम्मद के पिता का नाम अब्दुल्ला और मां का नाम अमीना था। पैगम्बर मुहम्मद के पिता का निधन उनके जन्म से पहले ही हो गया था। इस्लाम का मानना है कि अल्लाह ने सबसे पहले पैगम्बर मुहम्मद को कुरान का ज्ञान दिया, जिसके बाद उन्होंने पवित्र कुरान का संदेश दुनिया के कोने-कोने में फैलाया।

