Noida: नोएडा जैसे शहरों में लोग अब 12 से 25 मंजिलों की ऊँची-ऊँची इमारतों में बने फ्लैट्स में रहना पसंद कर रहे हैं। ये फ्लैट्स उनके आरामदायक जीवन का एक हिस्सा बन गए हैं, लेकिन यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। कई सोसायटियों के फ्लैट्स में सूर्य की किरणें तो दूर, प्राकृतिक रोशनी तक नहीं पहुँच पाती है, जिसके चलते बच्चों में विटामिन डी की कमी होने लगी है। इसका सीधा असर उनकी हड्डियों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे हड्डियों में दर्द और कमजोरी की शिकायतें लेकर अस्पताल पहुँच रहे हैं।
ओपीडी में बढ़ रहे बच्चों की हड्डियों के दर्द के मामले
कोरोना काल के दौरान घरों में रहने की आदत और बाहर न निकलने की वजह से बच्चों में विटामिन डी की कमी के मामले तेजी से बढ़े हैं। शहर के अस्पतालों में रोजाना सामान्य मरीजों के साथ-साथ बच्चों में हड्डियों के दर्द के मामले सामने आ रहे हैं। ओपीडी में ऐसे बच्चों की संख्या लगभग 10% तक पहुँच चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले समय में इन बच्चों को सामान्य लोगों के मुकाबले अधिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
डॉक्टर बच्चों के माता-पिता को सलाह दे रहे हैं कि वे बच्चों को हर दिन थोड़ी देर के लिए धूप में खेलने के लिए बाहर भेजें, जिससे उनकी हड्डियों को मजबूती मिल सके। कोरोना के बाद घर से बाहर न निकलने की आदत के कारण बच्चों में विटामिन डी की कमी के मामले तेजी से बढ़े हैं, और इसके चलते भविष्य में भी उनकी सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
बच्चों के लिए फोन की लत भी नुकसानदायक
वर्तमान समय में बच्चे मोबाइल फोन की लत से भी प्रभावित हो रहे हैं। छोटी उम्र से ही बच्चों को फोन दे देने के कारण वे एक ही पोजीशन में घंटों तक बैठकर फोन चलाते रहते हैं, जिससे उनकी पीठ और गर्दन में दर्द की समस्या उत्पन्न हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अब 20 से 25 साल की उम्र में भी सर्वाइकल के मामले सामने आ रहे हैं, जो कि पहले 45 साल की उम्र के बाद देखने को मिलते थे। फोन की लत बच्चों को घर में ही रहने पर मजबूर कर रही है, और यह उनकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो रही है।
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विटामिन डी की कमी से बचने के उपाय
बच्चों में विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
- सनस्क्रीन के बिना 5 से 30 मिनट तक धूप में बैठें।
- बच्चों को सुबह की धूप और शाम 3 बजे की धूप में खेलने दें।
- गाय का दूध, दही, और अंकुरित अनाज का सेवन कराएं।
- गर्भवती महिलाओं को भी धूप में बैठने की सलाह दी जाती है।

