Noida News : नोएडा सहित दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में छह प्रमुख बिल्डरों पर आयकर विभाग के इंवेस्टीगेशन विंग की जांच पांचवें दिन भी जारी रही। आयकर विभाग की टीम को अभी तक 700 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। वहीं करीब 500 करोड़ रुपये की संपत्तियां कैश में बेचने के साक्ष्य भी मिले हैं। विभाग अब इन संपत्तियों को खरीदने वालों की भी छानबीन करेगा। मंगलवार को आयकर विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी।
बड़ी मात्रा में आयकर विभाग ने दस्तावेज जब्त किए
आयकर विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक लॉजिक्स, एडवांट, ग्रांडस्लैम, बुलमैन रियलिटी के कॉरपोरेट ऑफिस और प्रोजेक्ट साइटों पर सर्वे किया जा रहा है। बिल्डर कार्यालयों से जांच के बाद बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जिसकी विस्तृत जांच की जाएगी। इसके अलावा कार्यालयों से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों को जांच में पुख्ता साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। पांच दिनों से जारी जांच में अब तक कुल छह करोड़ रुपये नकद और महंगी धातुएं मिली हैं। इनको जब्त कर कंपनियों से जवाब देने के लिए कहा गया है। सभी छह बिल्डर कंपनियां रिहाइशी और व्यावसायिक प्रोजेक्टों का निर्माण करती हैं।
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आयकर विभाग की ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
बिल्डर कंपनियों पर यह सर्वे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब तक आयकर विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। इससे पहले भी कुछ बिल्डर कंपनियों पर सर्वे किए गए लेकिन पांच दिन से अधिक तक जांच कभी नहीं चली।
पांच दिनों से आयकर अधिकारी और अन्य सदस्य जांच में जुटे
सर्वे में जुटे आयकर अधिकारियों और अन्य सदस्य पिछले पांच दिन से अपने घर तक नहीं गए हैं। दिन-रात दस्तावेज की जांच जारी है। जांच में शामिल अधिकांश अधिकारी अपनी नींद तक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। दो से तीन घंटे की नींद लेकर वापस जांच में टीमें जुट जा रही हैं। गोपनीयता बनाए रखने के लिए जहां सभी तरह से संपर्क बंद रखा गया है। सर्वे में जुटे कर्मचारियों के लिए होटलों से खाना मंगाया जा रहा है। जांच जारी रहने तक आयकर विभाग की टीम का कोई कर्मचारी घर नहीं जाएगा।

