आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojna) नोएडा जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। अब तक जिले के अस्पतालों में 49 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज हो चुका है। इसमें से अधिकतर मरीजों का न्यू इलाज निजी अस्पताल में हुआ है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की वजह से आसपास के जिलों से आकर भी मरीज इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रदेश में इलाज देने के मामले में दूसरे और कार्ड बनाने में 10वें स्थान पर है।
नोएडा में आयुष्मान कार्ड बनाने में आई तेजी
आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojna) सितंबर 2018 से शुरू हुई है। योजना के तहत लाभार्थी परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक का इलाज मिलने का प्रावधान है। इसके लिए परिवार के हर सदस्य का आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है। योजना का लाभ देने के लिए नोएडा जिले में 2.16 लाख कार्ड बनाए जाने हैं। इसमें से अब तक 1.61 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं। पिछले दो महीने में कार्ड बनाने में तेजी आई है। बचे हुए लोगों के कार्ड बनाने के लिए विभाग की ओर से कैंप लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।
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जरूरतमंद को सही समय पर मिले इलाज (आयुष्मान भारत योजना नोडल)
योजना (Ayushman Bharat Yojna) के तहत नोएडा जिले के 42 अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के पैनल में हैं। यहां जाकर कार्ड धारक निशुल्क इलाज करा सकते हैं। अब तक 49,333 लोगों ने निशुल्क इलाज कराया है। निजी अस्पतालों का कहना है कि इस योजना के तहत बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़, मथुरा से आकर भी मरीज इलाज करा रहे हैं। बाहर से आए लोगों की वजह से आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी पवन सिंह ने बताया, सुनिश्चित किया जा रहा है कि जरूरतमंद को इलाज मिल सके। अब तक 49,333 लोगों ने योजना का लाभ उठाया है।

