उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशानुसार अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था श्री आनंद कुलकर्णी, अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय श्री बबलू कुमार के पर्यवेक्षण व डीसीपी महिला सुरक्षा सुश्री प्रीति यादव एवं एसीपी महिला सुरक्षा श्रीमती वर्णिका सिंह के नेतृत्व में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा जिले के 15 स्लम एरिया व आस-पास क्षेत्रों में मिशन शक्ति-4 अभियान के अंतर्गत बच्चों (उम्र 12-18 वर्ष) के लिए मिशन प्रतिभाग (भागीदारी) शुरू किया गया है।
मिशन प्रतिभाग अभियान सुरक्षा के नेतृत्व में जा रहा चलाया
मिशन प्रतिभाग अभियान बच्चों को स्कूल के बाद की गतिविधियों में शामिल करने और उन्हें पॉक्सो अधिनियम के तहत पीड़ित होने या अपराध करने से रोकने के लिए एक सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत साइबर, फायर और ट्रैफिक विभाग के साथ मिलकर 5 अलग-अलग समूहों ने कला और शिल्प, नृत्य, नुक्कड़ थिएटर, वृत्तचित्र प्रदर्शन, आत्मरक्षा, सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा और कानूनी जागरूकता के क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विभिन्न एनजीओ के सहयोग से गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा डीसीपी महिला सुरक्षा के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। जोकि 16 अक्टूबर से शुरू होकर 15 दिनों की अवधि (30 अक्टूबर 2023) तक चलाया जा रहा है।
बच्चों को अपनी आत्मरक्षा को लेकर किया जा रहा जागरूक
इसी क्रम में 17 अक्टूबर 2023 को कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अन्तर्गत थाना बीटा 2 क्षेत्रान्तर्गत युवा यश फाउंडेशन द्वारा बच्चो को अपनी आत्मरक्षा हेतु किस प्रकार से सजग रहना चाहिए कार्यक्रम का आयोजन कर समझाया गया। थाना सेक्टर 20 क्षेत्रान्तर्गत सेक्टर 17 , सेक्टर 18 की झुग्गी झोपड़ी में किरण नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट के द्वारा बच्चो के लिए पेंटिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
महलिओं और बच्चियों को गुड टच, बैड टच के बारे में किया जागरूक
थाना सेक्टर 113 बंगाली मार्केट, सेक्टर 74/75 मे गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे लगभग 60 से अधिक (महिलाएं, पुरुष एवं बच्चों) की उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम मे संस्था सदरग की भी उपस्थिति रही। सदरग ने उन्हें पोक्सो एक्ट तथा घरेलू हिंसा पर जानकारी देते हुए बताया कि अगर उनके साथ किसी तरह की आपत्तिजनक घटनाएं हो रही हैं तो वो चुप ना रहें ना ही अपनी बच्चियों को चुप रहना सिखाएं, बल्कि इसके खिलाफ आवाज उठाएं एवं पुलिस से सहायता लें। सदरग ने गुड टच व बैड टच के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं बच्चियों को बताया की कोई भी व्यक्ति आपके साथ आपत्तिजनक कॉमेंट, हरकतें कर रहा हो या आपत्तिजनक फोटो/विडियो दिखा रहा हो,किसी प्रकार की लालच दे रहा हो,तो तुरंत अपने माता-पिता से बात करें।
थाना फेस-2 क्षेत्रान्तर्गत भंगेल स्कूल में नुक्कड नाटक का आयोजन कर बच्चों के उज्जवल भविष्य की काउंसलिंग की गयी। यदि कोई बच्चा कोई विशिष्ट कौशल सीखना चाहता है, तो हम अंततः उन्हें स्थानीय गैर सरकारी संगठनों में नामांकित करने का प्रयास करेंगे और उन्हें जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक मंच प्रदान करने के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी।
स्त्रियों से संबंधित विशेष रोगों और साइबर सुरक्षा को लेकर भी किया जा रहा जागरूक
थाना फेस-1 क्षेत्रान्तर्गत सेक्टर 4 , 5 के बारात घर मे नारी प्रगति सोशल फाउंडेशन के तत्वाधान मे मानस हॉस्पिटल से डॉक्टर रजत बंसल द्वारा बस्तियों के बच्चों को सीपीआर प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी दी गई । इसके साथ स्वास्तिक क्लिनिक की गायनेकोलॉजिस्ट द्वारा बालिकाओं को स्त्रियों से संबंधित विशेष रोगों की जानकारी एवम स्वच्छता के बारे में समझाया गया तथा सेक्टर 08 दुर्गा मन्दिर पण्डाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा, यातायात/अग्निशमन के नियमों के पालन के सम्बन्ध पुलिस टीमों द्वारा जागरूक किया गया है।
मिशन प्रतिभाग का उद्देश्य बच्चों के अंदर छिपे हुए प्रतिभा को भी निकालना
मिशन प्रतिभाग में गौतमबुद्धनगर पुलिस के साथ के.एन.एम.ए(किरण नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट) संस्था द्वारा बाल कलाकार प्रोग्राम के अंतर्गत बच्चो के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को विकसित करना मुख्य उद्देश्य है। यह समाज में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाली संस्था है जिससे बच्चो के अंदर आत्मविश्वास व आत्म अभिव्यक्ति में वृद्धि की जा सके और वह अपनी आवाज व हुनुर को दुनिया के सामने रख सके।
चाइल्ड एब्यूज के शिकार बच्चों का जीवन बेहतर बनाना भी मिशन प्रतिभाग की लक्ष्य
ऐसे बच्चे जिनके पास जीवन स्तर और अवसरों का अभाव होता है व सुविधाऐं नाममात्र की होती है और चाइल्ड एब्यूज का शिकार है, सीडब्लूसी की मदद से लोकल पुलिस के साथ रेस्कयू किये गये है, उनका मिशन प्रतिभाग अभियान में सदरग चाइल्ड लाइन के साथ कई यूनिवर्सिटी, बैनेट यूनिवर्सिटी, आईटी सेक्टर के वालिंटीयर्स व छात्रों के साथ आने से ऐसे बच्चो का जीवन स्तर बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे एक बेहतर जीवन जी सके।

