Noida: गौतम बुद्ध नगर शिक्षा विभाग ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए 12 प्रतिष्ठित स्कूलों की सूची जारी की है, जिन्होंने शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत छात्रों को प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। इस गंभीर उल्लंघन के कारण इन स्कूलों की मान्यता समाप्त होने का खतरा है।
बाल भारती और दिल्ली पब्लिक स्कूल सबसे अधिक जोखिम में
सूचीबद्ध प्रमुख स्कूलों में बाल भारती पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, रामाज्ञा स्कूल, द मिलेनियम स्कूल और शिव नादर स्कूल शामिल हैं। इन संस्थानों ने छात्रों को प्रवेश देने से इनकार करने के लिए उपलब्ध सीटों की कमी, दस्तावेजों का अभाव, प्रवेश प्रक्रिया में देरी और अन्य प्रशासनिक मुद्दों जैसे कारणों का हवाला दिया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बाल भारती पब्लिक स्कूल ने सबसे अधिक 184 आवेदनों को अस्वीकार किया, जिसके बाद दिल्ली पब्लिक स्कूल ने 125 आवेदनों को अस्वीकार किया।
शिक्षा विभाग ने समिति बनाई
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी किए जाएंगे और उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। हमारा उद्देश्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना है।” मामले की जांच के लिए विभाग ने एक विशेष समिति बनाई है। यह समिति स्कूलों के जवाबों का विश्लेषण करेगी और आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अधिनियम के तहत सभी पात्र बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए इन स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सभी स्कूलों की निगरानी
इस कदम को शिक्षा के अधिकार की रक्षा और सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि वे स्थिति की बारीकी से निगरानी करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो आगे की कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेंगे।
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मान्यता खोने के जोखिम में स्कूल
- बाल भारती पब्लिक स्कूल
- दिल्ली पब्लिक स्कूल
- रामाज्ञा स्कूल
- द मिलेनियम स्कूल
- संसार द वर्ल्ड एकेडमी
- राघव ग्लोबल स्कूल
- दरबारी लाल फाउंडेशन वर्ल्ड स्कूल
- शिव नादर स्कूल
- संस्कार रोजा जलालपुर
- फॉर्च्यून वर्ल्ड स्कूल
- आर्मी पब्लिक स्कूल
- ऑक्सफोर्ड ग्रीन पब्लिक स्कूल

