Noida: उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल सुंदर भाटी के भतीजे अनिल भाटी की रिहाई के बाद गौतमबुद्ध नगर और आसपास के जिलों में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि अपने चाचा सुंदर भाटी की रिहाई के 48 घंटे के भीतर ही अनिल भाटी को भी जेल से बाहर आने का मौका मिला।
नोएडा पुलिस ने इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है और आशंका जताई जा रही है कि दोनों मिलकर कुछ बड़ा कर सकते हैं।
जेल से रिहाई के बाद सीधे चाचा से मिलने पहुंचा अनिल
अनिल भाटी को उत्तर प्रदेश की अंबेडकर जेल से रविवार को रिहा किया गया। जेल से बाहर आते ही अनिल ने फ्लाइट के जरिए दिल्ली का रुख किया और वहां अपने चाचा सुंदर भाटी से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, अनिल इसके बाद अपने पैतृक गांव घंघोला पहुंचा है।
भाजपा नेता शिवकुमार की हत्या में थी अनिल की संलिप्तता
जानकारी के अनुसार, अनिल भाटी को लुक्सर जेल में रखा गया था। कुख्यात अपराधी सुंदर भाटी के भतीजे अनिल पर कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। नवंबर 2017 में भाजपा नेता शिवकुमार यादव की हत्या के मामले में भी अनिल का नाम सामने आया था। आरोप है कि अनिल ने अरुण यादव से सुपारी लेकर अपने शूटरों के माध्यम से यह हत्या कराई थी। इस हत्याकांड में शिवकुमार, उनके ड्राइवर बलीनाथ और निजी गनर रहीस पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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अपराध की दुनिया में सक्रियता के चलते लगा एनएसए
अनिल भाटी की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट ने उसके खिलाफ एनएसए लगाने का निर्णय लिया था। लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय अनिल पर हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज है। उसे डेढ़ साल से अधिक समय से लुक्सर जेल में रखा गया था।

