पुराने संसद का टाटा बाय बाय हो चुका है अब नए संसद में विशेष सत्र का कार्यवाही ट्रांसफर हो चुका है पीएम मोदी ने नई संसद में पहला भाषण दिया और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण बिल नई संसद में पेश किया प्रधानमंत्री मोदी ने इस बिल को नारी शक्ति अधिनियम नाम दिया।
महिला आरक्षण बिल हुआ पेश विपक्ष ने शुरू किया हंगामा
वहीं आप तो जानते हैं बिना किसी हंगामे के संसद की कोई कार्यवाही पूरी नहीं होती है महिला आरक्षण बिल पेश होते ही विपक्ष का जोरदार हंगामा शुरू हो चुका है। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि बिना सर्कुलेट के बिल कैसे पेश कर दिया गया जिस पर कानून मंत्री ने कहा कि बिल वेबसाइट पर अपलोड हो चुका है। वहीं विपक्ष का कहना है कि जब बिल सदन में इंट्रोड्यूस किया जाता है तो उसकी कॉपी पहले सांसदो को देनी होती है। वहीं बसपा की सुप्रीमो मायावती ने कहा कि 33 नहीं 50 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए। वहीं बॉलीवुड की बेबाक कंगना ने भी इस बिल को लेकर कहा अपना टाइम आ गया है।
We are all witnessing beginning of a new age.
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) September 18, 2023
Our time has come.
This is the time of the girl child (no more female foeticide) this is the time of the young women (no more clinging to men for safety and security), this is the time of the Middle aged women (no you are not unwanted… pic.twitter.com/rzpSE3wBha
लंबे समय के बाद महिला आरक्षण को लेकर बिल हुआ पेश
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण और विधानसभा में भी 33 प्रतिशत आरक्षित होंगी। यह बिल पास होता है तो कुल सांसद 543 में 181 महिला सांसद होंगी। यह कानून बनने के बाद महिला सांसदो की संख्या बढ़ जाएगी। महिला आरक्षण की अवधि 15 साल की होगी बुधवार को इस बिल पर बहस होगी और गुरूवार को राज्यसभा में बिल पेश होगा।

