जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में भारतीय सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ (Kulgam Encounter) हुई है सेना के जवानों ने लश्कर-ए- तैयबा के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया है। फिलहाल सुरक्षाबलों का आतंकवादियों के खिलाफ अभियान जारी है।
सेना ने जम्मू कश्मीर में तीन आतंकियों को किया ढेर
दरअसल गुरूवार के जम्मू- कश्मीर के कुलगाम जिले के समनू गांव में दोपहर आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई थी। (Kulgam Encounter) पुलिस, सेना की 34 आरआर और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने विशेष सूचना पर कुलगाम के समनू गांव की घेराबंदी और अभियान शुरू किया था। इस दौरान दोनों ओर से गोलीबारी हुई। इस बीच आतंकी मौके से भाग निकले थे। तभी से आतंकियों की धर-पकड़ के लिए सुरक्षाबलों का अभियान जारी था।
आतंकवादियों के खिलाफ संयुक्त अभियान में सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स, 9 पैरा (एलिट स्पेशल फोर्स यूनिट), पुलिस और सीआरपीएफ शामिल रहे। (Kulgam Encounter) बुधवार रात के दौरान गांव को और घेर लिया गया और मुठभेड़ स्थल के पास रोशनी लगा दी गई। कुलगाम के नेहामा इलाके के समनो में रात भर शांति के बाद शुक्रवार तड़के गोलीबारी हुई।
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दक्षिण कश्मीर में ये सबसे बड़ा उग्रवाद विरोधी अभियान
जिस घर में आतंकवादी छिपे हुए थे, आज सुबह हुई गोलीबारी में उसमें आग लग गई, जिससे आतंकवादियों को बाहर निकलना पड़ा। अनंतनाग के गारोल जंगलों में 13 सितंबर के ऑपरेशन के बाद से दक्षिण कश्मीर में यह एक बड़ा उग्रवाद विरोधी अभियान है, (Kulgam Encounter) जिसमें एक सप्ताह तक चले ऑपरेशन में सुरक्षा बलों के चार जवान और दो आतंकवादी मारे गए थे।
सेना ने कहा कि इससे पहले, 15 नवंबर, बुधवार को उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया गया था। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ‘ऑपरेशन काली’ नामक संयुक्त अभियान के दौरान घुसपैठियों को मार गिराया। (Kulgam Encounter) यह उसी क्षेत्र में घुसपैठ की दूसरी कोशिश थी। सेना ने कहा कि मारे गए दो घुसपैठियों में से एक बशीर अहमद मलिक था, जो जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद का एक महत्वपूर्ण दल था।

