Greater Noida News : 7 से 10 मार्च के बीच सीएम नोएडा विजिट कर सकते है उस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में रजिस्ट्री बायर्स को हैंडओवर की जाएगी। तब तक 2 ये 2.5 हजार रजिस्ट्री हो जाएंगी। सीएम के विजिट के बाद रजिस्ट्रियां तेजी से होगी। आगामी तीन से चार महीने में सभी पेंडिंग करीब 2 से 3 लाख रजिस्ट्री पूरी कर ली जाएंगी।
औद्योगिक विकास आयुक्त ने कहा कि ये बायर्स का हक था
ये बातें अवस्थापना एंव औद्योगिक विकास आयुक्त उप्र मनोज कुमार सिंह ने फ्लैटों की रजिस्ट्री का शुभारंभ के अवसर पर कही। कार्यक्रम सेक्टर-77 में एक्सप्रेस जेनिथ में किया जा रहा है। यहां पहले दिन 100 बायर्स को मालिकाना हक दिया गया। रजिस्ट्री पाकर बायर्स के चेहरों पर खुशी का माहौल है। औद्योगिक विकास आयुक्त ने कहा कि ये बायर्स का हक था। पैसा वो दे चुके थे, लेकिन कभी कभी ऐसी परिस्थितियां बन जाती है। जैसे कोविड पीरियड आया। अब सरकार की इस निती से उस डेडलॉक को ब्रेक किया जा रहा है।
अब सभी बायर्स के हाथ में होगी उनकी रजिस्ट्री
अब सभी बायर्स के हाथ में उनकी रजिस्ट्री होगी। इस सिफारिश के तहत 95 प्रतिशत तक समस्या का समाधान हो जाएगा। जो बिल्डर सिफारिश के तहत नहीं आ रहे है उनके खाली पड़ी लैंड और इकाइयों को टेकओवर करने का प्रावधान भी इस सिफारिश में है। यह पहली बार है कि निबंधन विभाग के साथ प्राधिकरण और बिल्डर तीनों कैंप लगाकर सोसाइटी में रजिस्ट्री करेंगे। ताकि बायर्स को दिक्कत न हो। इस मौके पर प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम, एसीईओ संजय खत्री आदि मौजूद रहे।
बता दें अमिताभ कांत की सिफारिश लागू होने के बाद 35 बिल्डरों ने सहमति दी है। ये सभी बिल्डर 2209 करोड़ रुपए प्राधिकरण में जमा कर देते है तो 13 हजार 639 होम बायर्स को उनको मालिकाना हक मिल जाएगा। सिफारिश के तहत अभी इसी बकाया का 25 प्रतिशत जमा किया जा रहा है। ये कुल बकाया के 552.51 करोड़ है। इसके जमा होने पर 3412 रजिस्ट्री हो जाएगी। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम ने बताया कि अभी 29.86 करोड़ रुपए प्राधिकरण में जमा हुए है।
100 बायर्स को मिला मालिकाना हक बाकी रजिस्ट्री के लिए भी बिल्डर सोसाइटी में लगाए जाएंगे कैंप
इसमें करीब 600 बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। आज 100 बायर्स की रजिस्ट्री की जा रही है। इसके लिए कैंप लगाया गया है। बाकी रजिस्ट्री के लिए भी बिल्डर सोसाइटी में कैंप लगाए जाएंगे। अमिताभ कांत समिति के प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद शासनादेश की शर्तों का पालन कर सहमति देने के लिए नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी बकायादार बिल्डरों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। इस शासनादेश में मुख्य रूप से एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2022 तक के काल को कोविड काल मानते हुए जीरो पीरियड का लाभ दिया जाना है।

