Greater Noida: उत्तर प्रदेश शासन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनात पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने शासन द्वारा जारी तबादले के आदेश का पालन नहीं किया और अपने पदों पर बने रहे। औद्योगिक विकास अनुभाग-4 के संयुक्त सचिव जयवीर सिंह द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया कि इन अधिकारियों ने 30 जून 2023 को जारी किए गए जनहित के तबादला आदेश की अवहेलना की थी, जिसके चलते इन पर यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
कौन-कौन से अधिकारी हुए सस्पेंड?
निलंबित किए गए अधिकारियों में आरए गौतम (सीनियर मैनेजर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण), गुरविंदर सिंह (सीनियर मैनेजर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण), आरके शर्मा (सीनियर मैनेजर, नोएडा प्राधिकरण), केएन श्रीवास्तव (यूपीएसआईडीसी अधिकारी) और नोएडा-ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से जुड़े एक अन्य अधिकारी शामिल हैं।
तबादला आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई
शासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, इन अधिकारियों ने 30 जून 2023 को जारी तबादला आदेश का पालन नहीं किया था। उन्हें विभिन्न स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने आदेशों की अवहेलना करते हुए अपनी पूर्व पोस्टिंग पर बने रहना उचित समझा।
प्राधिकरणों में हलचल
इन अधिकारियों के निलंबन से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरणों में हलचल मच गई है। अधिकारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस कार्रवाई से अन्य अधिकारियों में भी भय का माहौल बन गया है, क्योंकि माना जा रहा है कि शासन की नजर अन्य अधिकारियों पर भी है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
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शासन का कड़ा रुख
इस निलंबन से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश शासन तबादला आदेशों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि जो अधिकारी सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी।

