Ghaziabad News: गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम समेत जीडीए की पांच योजनाओं में बिना बिके भवनों के दाम इस साल भी नहीं बढ़ेंगे। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सभी 1,748 भवन पिछले साल के दामों पर खरीदारों के लिए उपलब्ध रहेंगे। प्राधिकरण इनके दाम फ्रीज कर रहा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए तीन अगस्त को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट बाजार में मंदी का दौर चल रहा है। इस वजह से जीडीए की पांच योजनाओं में भवन भी नहीं बिक रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए जीडीए ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी नके दाम नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। इन्हें वित्तीय वर्ष 2023-24 के दामों पर ही बेचा जाएगा। कीमतों को फ्रीज करने के लिए यह प्रस्ताव तीन अगस्त को बोर्ड बैठक में शामिल किया जाएगा।
नहीं बढ़ेंगे फ्लैटों के दाम
जीडीए अधिकारियों का कहना है कि इन फ्लैटों के दाम नहीं बढ़ाने से खरीदार मौके पर जाकर अपनी पसंद का फ्लैट देख सकेंगे और फिर प्राधिकरण से खरीद सकेंगे। इससे खरीदारों को फायदा होगा। इन भवनों की कीमतें योजना और फ्लैट के आकार के अनुसार अलग-अलग होती हैं। प्राधिकरण को उम्मीद है कि कीमतें स्थिर करने से बिना बिकी संपत्तियों के खरीदार आकर्षित होंगे।
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जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया, जीडीए की कई योजनाओं में बिना बिकी इमारतें हैं। इनकी कीमतें स्थिर करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, ताकि इच्छुक खरीदार प्राधिकरण की संपत्तियां खरीद सकें।
खरीदारों को लाभ
जीडीए अधिकारी बताते हैं कि अभी तक बिना बिकी इमारतों की कीमतें स्थिर थीं, लेकिन गणना के दौरान जब सेक्टर रेट निर्धारित किया गया तो सर्किल रेट के हिसाब से इसमें कुछ वृद्धि की गई। अब नई गणना नहीं की जाएगी और ब्याज भी नहीं लिया जाएगा। इन पांच योजनाओं में खाली पड़े फ्लैट जीडीए की पांच योजनाओं में फ्लैट खाली हैं। इनमें मुख्य रूप से मधुबन बापूधाम योजना, इंद्रप्रस्थ योजना, चंद्रशिला योजना और मोदीनगर की संजयपुरी योजना शामिल हैं। यहां तीन बीएचके से लेकर दो बीएचके, मिनी एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस तक की इमारतें शामिल हैं।

