गाजियाबाद में डेंगू का कहर जारी है क्या आम क्या खास सबको डेंगू अपनी चपेट में ले रहा है। इस बार डेंगू से एनडीआरएफ जवान की मंगलवार को एक निजी अस्पताल में जान चली गई। इलाज के दौरान पता लगा कि जवान को गंभीर ज्वांइटिस भी था।
डेंगू से गई जवान की जान
बता दें अब तक डेंगू से गाजियाबाद में पांच लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन विभाग ने आंकड़े छुपाते हुए डेंगू से केवल दो लोगों की ही मौत की पुष्टि की है। वहीं जिस जवान की डेंगू से जान गई वो गाजियाबाद के कमला नेहरू नगर स्थित एनडीआरएफ गाजियाबाद बटालियन के प्रदीप शुक्ला महज 33 साल की उम्र में डेंगू से दम तोड़ दिया।
जवान पहले से भी गंभीर बीमारी का थे शिकार (अस्पताल प्रबंधन)
पहले जवान को बटालियन के अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन हालात नहीं सुधरे तो दिल्ली के अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन स्थिति वहां भी नहीं सुधरी उसके बाद गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन कहते हैं ना जब मौत आनी होती है तो आकर रहती है। मंगलवार को एनडीआरएफ जवान ने अपना दम तोड़ दिया। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जवान को पहले से गंभीर रूप से ज्वांइटिस भी था।
इन लोगों के लिए डेंगू सबसे खतरनाक
डेंगू के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं और उन लोगों को बीमारी ज्यादा अटैक कर रही है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो लेकिन वो कहते है ना हर बीमारी से अपने आप को बचाने के लिए खुद कुछ उपायों को कर के बीमारी से लड़ सकते हैं।
डेंगू में सबसे पहले ब्लड प्लेटलेट गिरनी शुरू हो जाती हैं जिसकी वजह से जिसके कारण स्वास्थ्य जटिलताओं के बढ़ने का जोखिम रहता है। इसके कारण शॉक लगने और रक्तस्राव को जोखिम भी बढ़ जाता है जिसे डेंगू के गंभीर लक्षणों में से एक माना जाता है।
डेंगू से बचने के उपाय
डेंगू से बचने के लिए सबसे पहले तो ये कोशिश करें कि बाहर हो या घर पर पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। घर के आस-पास सफाई रखें। नालों में पानी ना भरने दें। साफ पानी पर मच्छर पनपते है तो पानी समय समय पर बदलते रहें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और अगर 2 से 3 दिन आप बुखार से ग्रसित हैं तो डॉक्टर के पास तुरंत समय के पास इलाज करवाएं।

