गाजियाबाद ( Ghaziabad) के गोविंदपुरम स्थित अनाजमंडी में गुरुवार को किसानों ने जमकर हंगामा किया। सुबह 11 बजे अखिल भारतीय किसान सभा व भारतीय किसान संघठन के नेतृत्व में किसानों ने मंडी समिति के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मंडी के गेट को बंद कर दिया।
किसानों ने लगाए मंडी समिति पर गंभीर आरोप
किसानों ने मंडी समिति पर अधिकारियों से मिलीभगत कर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि उन्हें धान का उचित रेत नहीं मिल पा रहा है। मंडी परिसर में फसल को रखने के लिए शेड बनाये गए हैं, उनको आढ़तियों ने अपना स्टोर गोदाम बना लिया है।
किसान नेता टीकम नागर ने कहा कि मंडी समिति के सदस्य मनमानी कर रहे हैं। फसलों के शेड पर अपना स्टॉक लगा कर दुकानदारी कर रहे हैं। किसानों की धान व अन्य फसल रात में सड़कों पर रहती है। ओस पड़ने से फसल को नुकसान हो रहा है। किसान सभा के जिला प्रभारी नितिन प्रधान ने कहा कि मण्डी में सिर्फ 2 ही खरीदार है। जो सांठगांठ कर फसल खरीदते हैं। सुबह धान को खरीदने को मना कर देते हैं जब किसान शाम तक भूखा प्यासा किसान उल्टे सीधे रेटों पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद किसानों ने खोला मंडी का गेट
करीब पांच घंटे तक गेट को बंद रखने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट गंभीर सिंह ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का दो दिनों के भीतर हल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही किसान गेट खोलने को राजी हुए। गंभीर सिंह ने कहा कि किसानों की समस्या व शिकायतों का समिति के सदस्यों के साथ मिलकर हल किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में नितिन प्रधान, महेन्द्र प्रधान, मनोज यादव , राजेश यादव, साचिन शर्मा, अमित नागर, जयभगवान,प्रदीप नागर, बिजेंद्र शर्मा, हरेंद्र चौधरी, आदि उपस्थित रहे।

