Delhi Coaching Incident: राजेंद्र नगर की जिस बिल्डिंग में छात्रों की मौत हुई, उसके बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं थी। 2021 में बनी इस बिल्डिंग के बेसमेंट में सिर्फ कार लिफ्ट, पार्किंग और स्टोरेज की अनुमति थी, लेकिन वहां अवैध लाइब्रेरी चल रही थी। अब एमसीडी राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। एमसीडी ने दिल्ली के कई इलाकों में कई अवैध इमारतों की पहचान की है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। मेयर ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई शुरू हो सकती है।
अभियान चलाने के दिए निर्देश
मेयर शैली ओबेरॉय ने नगर आयुक्त को बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के िलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मेयर शैली ओबेरॉय ने कहा कि इस मामले में किसी पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं होना चाहिए। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस साल हुई बारिश ने 88 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है, लेकिन निगम ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने का प्रयास कर रहा है।
नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
शैली ओबेरॉय ने बताया कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त को दो महत्वपूर्ण निर्देश लिखे हैं। पहला, निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इमारतों के बेसमेंट में नियमों और मानदंडों का उल्लंघन कर चल रहे सभी कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। दूसरा, अगर इस घटना के लिए नगर निगम का कोई अधिकारी जिम्मेदार है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
सीवर टूटने के कारण जलभराव की संभावना
शैली ओबेरॉय ने बताया कि ऐसा लगता है कि इस इमारत के सामने से गुजरने वाला सीवर या नाला अचानक फट गया। आसपास की इमारतों में पानी जमा नहीं हुआ। नाला फटने के कारण पानी तेजी से बेसमेंट में भर गया, जिससे बच्चे फंस गए।
जलभराव की समस्या से निपटने के प्रयास
शैली ओबेरॉय ने बताया कि इस साल भारी बारिश के कारण जलभराव की समस्या काफी देखी गई। निगम, पीडब्ल्यूडी और दिल्ली जल बोर्ड मिलकर इस समस्या से निपटने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के लोगों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

