मुबंई का ऐतिहासिक गेट वे ऑफ इंडिया को लेकर पुरात्तव विभाग ने चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि साल 1924 में बने इस ऐतिहासिक Gate Way Of India (Mumbai)को टॉप टूरिस्ट अट्रैक्शन को लेकर लोग इसे दूर दूर से देखने पहुंचते हैं।
इस गेट वे ऑफ इंडिया को समंदर के किनारे बनाया गया था। साल 2024 में इसको बने हुए सौ साल पूरे हो जाएंगे लेकिन अब इस ऐतिहासिक इमारत पर खतरा मंडरा रहा है पुरात्तव विभाग ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा है कि गेट वे ऑफ इंडिया में दरारें आ गईं हैं। जिसकी वजह से इमारत कमजोर होने लगी है। परेशानी की बात ये है कि इसकी नींव में भी कमजोरी आ गई है। तो सवाल ये खड़ा होता है कि क्या गेट वे ऑफ इंडिया गिर सकता है?
हालांकि पुरात्तव विभाग ने सरकार को रिपोर्ट देते हुए कहा है वो इसे जल्द ठीक करवाने के लिए आग्रह किया है। कुछ वर्ष पहले समंदर की तेज लहरों के थपेंड़ो ने गेट वे ऑफ इंडिया की दीवारों पर हिट हुआ था तभी से अंदाजा लग गया था कि इस पर खतरा मंडरा सकता है। अब सवाल ये भी उटता है कि जब पहले ही महाराष्ट्र सरकार को पता है कि प्राचीन इमारत पर खतरा मंडरा रहा है तो इस पर पहले से कोई प्रतिक्रिया कर इसे ठीक क्यों नहीं किया गया।
अब आप जनता है आपसे कोई बात छिपती तो है नहीं कि भारत में कोई काम समय से पूरा हो जाए तो कितनी बड़ी बात हो जाए। राज्य सरकार पर लगातार निंदा की जा रही है कि अब तक इसे ठीक क्यों नहीं कराया गया तो इस बीच महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार(Maharashtra Culture Minister Sudhir Mungantiwar)ने आश्वासन दिया है कि गेटवे ऑफ इंडिया की मरम्मत के लिए करीब 8 करोड़ रुपये की रकम का प्रस्ताव रखा गया है। जल्द ही यह रकम पास हो जाएगी और जर्जर हो रही ऐतिहासिक इमारत को ठीक किया जाएगा।

