सोशल मीडिया के दौर में जहाँ किसी भी जानकारी तक तुरंत पहुंचने का अवसर मिलता है, वहीं इस सूचना के महासागर में सही और गलत की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एक हालिया उदाहरण सामने आया है, जिसमें एक फॉर्म सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत भरने के लिए कहा जा रहा है। इस फॉर्म के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि इसके जरिए लाखों रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। लेकिन प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इसकी सच्चाई का खुलासा करते हुए इसे एक झूठा और फर्जी दावा करार दिया है।
वायरल फॉर्म का दावा
सोशल मीडिया पर जो फॉर्म वायरल हो रहा है, उसमें यह कहा जा रहा है कि यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत है और इसे भरने पर बेटियों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। फॉर्म में स्पष्ट रूप से लिखा गया है, “प्रधानमंत्री योजना ग्राम सभा शहर के लिए भी है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। प्रधानमंत्री योजना बेटी बचाओ अभिभावक पंजीकरण फॉर्म (8 वर्ष से 22 वर्ष के लिए)।” साथ ही फॉर्म में आवेदक का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्म तिथि, फोटो, बैंक खाता नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही है।
PIB का स्पष्ट बयान
PIB ने 23 नवंबर को एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर इस वायरल फॉर्म के झूठ का पर्दाफाश किया। PIB ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो दावा किया जा रहा है कि इस योजना के तहत 2 लाख रुपये दिए जाएंगे, वह पूरी तरह से गलत है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने इस जानकारी को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी कि इस तरह के फॉर्म का वितरण अवैध है। PIB ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत किसी भी प्रकार का नगद प्रोत्साहन या आर्थिक मदद प्रदान नहीं की जाती है।

