पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और पूर्व जदयू एमएलसी उपेंद्र कुशवाहा अब सीआरपीएफ की वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा घेरे में रहेंगे। दरअसल, खुफिया सुरक्षा एजेंसी आईबी ने उपेंद्र कुशवाहा की जान को खतरा बताया था। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनको वाई प्लस सुरक्षा देने का फैसला किया है। वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा में कुशवाहा के साथ तीन अलग-अलग शिफ्ट में सीआरपीएफ के 11 कमांडो मौजूद रहेंगे। ये सभी कमांडो विशेष आधुनिक हथियारों से लैस होंगे।
बता दें कि उपेन्द्र कुशवाहा से पहले विकाशशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी को भी इस श्रेणी की सुरक्षा मिल चुकी है। इसके अलावा लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जेड प्लस सुरक्षा दिया जा चुका है। उपेंद्र कुशवाहा ने सुरक्षा बढ़ाने पर केंद्र सरकार को धन्यवाद किया है।
सुरक्षा को लेकर कुशवाहा ने जतायी थी आशंका
गौरतलब है कि कुशवाहा ने हाल ही में जदयू छोड़ राष्ट्रीय लोक जनता दल नाम से अपनी एक नई पार्टी बनाई है। पार्टी में रहते हुए कुशवाहा ने मुखर होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विरोध कर रहे थे। नीतीश कुमार के विरोध के कारण उन पर हमला हुआ था। यह हमला तब हुआ था, जब वह डुमरांव से पटना लौट रहे थे। इस दौरान भोजपुर के जगदीशपुर में उनकी गाड़ी पर पथराव हुआ था। हालांकि, पुलिस ने इसे आपसी झड़प बताया था। उपेन्द्र कुशवाहा ने इस पथराव को अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई थी। इसके बाद उनकी सुरक्षा की समीक्षा की गई और उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इसे मंजूरी दे दी गयी है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले उपेंद्र कुशवाहा का जदयू में रहते हुए जदयू के विरोध में बयानबाजी करना, फिर पार्टी छोड़कर नयी पार्टी बनाना और अब वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलने से कई मायने लगाए जा रहे हैं। राजनीतिज्ञों का मानना है कि भाजपा, उपेंद्र कुशवाहा के सहारे नीतीश कुमार को घेरने की योजना बना रही है।

