UP Bypoll 2024 Voting: उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के बीच समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि पुलिस को महिलाओं से बुर्का उतरवाकर मतदाताओं की पहचान सत्यापित नहीं करनी चाहिए। इसके बाद चुनाव आयोग ने निर्देश जारी कर स्पष्ट किया कि मतदान के दिन मतदाता पहचान में पुलिसकर्मी शामिल नहीं होंगे। यह जिम्मेदारी पूरी तरह पीठासीन अधिकारी और उनकी टीम की है। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आईएएस चंद्रशेखर ने राज्य के पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए इस बात पर जोर दिया कि मतदाता पहचान का काम पीठासीन अधिकारी और उनकी टीम करती है, पुलिस नहीं। मतदान के दिन पुलिस की मुख्य भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
आयोग ने जारी किए दिशा-निर्देश
चुनाव आयोग ने राज्य के पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, जिसमें मतदान केंद्रों पर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। इस बात पर जोर दिया गया कि रिटर्निंग ऑफिसर्स के लिए हैंडबुक, 2023 में मतदाता पहचान के बारे में विस्तृत प्रावधान दिए गए हैं, जिसमें महिलाओं और बुर्काधारी मतदाताओं से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि पुलिस कर्मियों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और मतदाता पहचान में शामिल नहीं होना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे मतदान केंद्रों पर किसी भी तरह की बाधा को रोकने और सुचारू और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए इन निर्देशों को सख्ती से लागू करें। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र में चिंता जताए जाने के बाद की गई।
पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान पुलिस ने मुस्लिम महिलाओं से पहचान के लिए बुर्का हटाने को कहा था, जिससे उनमें डर पैदा हुआ और कथित तौर पर पार्टी के वोट शेयर में गिरावट आई। एसपी ने अनुरोध किया कि मतदान के दिन पुलिस को मतदाता पहचान पत्र की जांच करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

