UP By-Elections Results: उत्तर प्रदेश में 20 नवंबर को नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है। नौ सीटों के लिए कुल 90 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला आज होना है।
मतदान और सीटों का हाल
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इन सीटों पर कुल 49.3 प्रतिशत मतदान हुआ था। कटेहरी (56.69%), करहल (53.92%), मीरापुर (57.02%), गाजियाबाद (33.30%), मझवां (50.41%), सीसामऊ (49.03%), खैर (46.43%), फूलपुर (43.43%), और कुंदरकी (57.32%) में मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया।
इनमें से कई सीटों पर उपचुनाव की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि विधायक लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए, जबकि कानपुर की सीसामऊ सीट पर सपा विधायक इरफान सोलंकी को आगजनी मामले में सजा होने के कारण सीट खाली हुई।
प्रारंभिक रुझान
सुबह 10 बजे तक के रुझानों के अनुसार, बीजेपी और गठबंधन सात सीटों पर आगे है, जबकि सपा दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
- बीजेपी की बढ़त वाली सीटें: मझवां, कटेहरी, मीरापुर, फूलपुर, खैर, कुंदरकी और गाजियाबाद
- सपा की बढ़त वाली सीटें: करहल और सीसामऊ
मुख्य सीटों पर ताजा रुझान
- सीसामऊ (कानपुर)
सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी 20049 वोटों से आगे चल रही हैं। अब तक 12 राउंड की गिनती हो चुकी है, जिसमें नसीम सोलंकी को 51260 और बीजेपी प्रत्याशी सुरेश अवस्थी को 31211 वोट मिले हैं। - खैर (अलीगढ़)
बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्र दिलेर 12958 वोटों की बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं। आठ राउंड की गिनती में सुरेंद्र दिलेर को 27850, सपा की चारु केन को 14892 और बसपा के पहल सिंह को 5056 वोट मिले हैं। - फूलपुर (प्रयागराज)
बीजेपी के दीपक पटेल नौवें राउंड में 2185 वोटों से आगे हैं। उन्हें 22576 और सपा के मुजतबा सिद्दीकी को 20391 वोट मिले हैं। - मीरापुर (मुजफ्फरनगर)
रालोद-बीजेपी गठबंधन प्रत्याशी मिथलेश पाल 7631 वोटों से आगे चल रहे हैं। दूसरे स्थान पर चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी के जाहिद हुसैन हैं, जबकि सपा प्रत्याशी सुम्बुल राणा तीसरे स्थान पर हैं। - कुंदरकी (मुरादाबाद)
बीजेपी प्रत्याशी रामवीर सिंह ठाकुर 23161 वोटों की बढ़त के साथ आगे हैं। यहां मुस्लिम बहुल सीट होने के बावजूद सपा पीछे चल रही है।
एग्जिट पोल के अनुमान सही
चुनाव से पहले विभिन्न न्यूज चैनलों के एग्जिट पोल में बीजेपी को 6-7 सीटें और सपा को 2-3 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी। फिलहाल रुझान इसी दिशा में हैं। बहुजन समाज पार्टी और आजाद समाज पार्टी की रणनीतियां इन उपचुनावों में कारगर नहीं दिख रही हैं।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपचुनावों के नतीजे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत की दिशा तय कर सकते हैं। बीजेपी का प्रदर्शन यह साबित करता है कि पार्टी का जनाधार अभी भी मजबूत है, जबकि सपा अपने गढ़ों में ही सीमित होती दिख रही है।

