योगी सरकार की अगुवाई में यूपी का आज 2.0 बजट पेश हो चुका है। राज्य वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश किया। बजट की शुरूआत उन्होनें शायराना अंदाज में की और सदन में जय श्रीराम के नारे तक लगाए गए उसके बाद यूपी का महाबजट जो कि 6 लाख 90 हजार 242 करोड़ 43 लाख का रहा। इस बजट में योगी ने कई बड़ी घोषणाएं की वित्तीय वर्ष 2023 2024 के लिए GSDP में वृद्धि की दर 19 प्रतिशत अनुमानित की गई है।
वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा देश की GDP में प्रदेश का योगदान 8% से अधिक का है। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि वर्ष 2021 2022 में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो देश की विकास दर से अधिक रही।
सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश में कानून बजट पेश करते हुए बताया कि प्रदेश में कानून और शान्ति व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनश्चित करने हेतु तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रशिक्षण देने की योजना के तहत कौशल विकास मिशन के माध्यम से छह वर्षों में 12 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। चार लाख 88 हजार युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार कराया गया।
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट और स्मार्टफोन देने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 3600 करोड़ रु. की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप्स नीति हेतु 60 करोड़ रु.की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मार्च 2017 से अद्यतन 17.62 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है, डिफेंस कॉरिडोर योजना के लिए 550 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। पूर्वांचल में विशेष योजनाओं के लिए 550 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। किसान समृद्धि योजना के लिए 102.80 करोड़ रूपए प्रस्तावित किया गया है।
दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति के लिए 25 करोड़ रूपए की व्यवस्था की गई है। यूपी में 16 घरेलू एयरपोर्ट बनेंगे। इसके अलावा पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेंगे। फूट प्रोसेसिंग के लिए 100 करोड़ के फंड की व्यवस्था की गई है।
बजट पेश होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ प्रेस कांफ्रेंस कर रहें हैं, और बजट को लेकर अहम बातें PC में साझा कर रहें हैं और कह रहें हैं आज का बजट उत्तर प्रदेश के सर्वसमावेशी और समग्र विकास के साथ ही आत्मनिर्भर भारत की तर्ज़ पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव को प्रस्तुत करने वाला बजट है।

यह बजट उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के लिए और प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश अगले 5 वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बने उसके लिए मील का पत्थर साबित होगा। बजट 6 लाख 90 हजार करोड़ रुपए से अधिक का है। 2016-17 का बजट 3 लाख 40 हजार करोड़ रुपए का था। पिछले 6 वर्ष में दोगुनी से अधिक की वृद्धि प्रदेश की बजट में हुई है। इस दौरान प्रदेश के प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक हुई है।

