केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्र में मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित जनसभा में राजस्थान की गहलोत सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गहलोत सरकार को इस बात का जवाब देना चाहिए कि उदयपुर में कन्हैयालाल को सुरक्षा किसने नहीं दी थी। उस वक्त पुलिस किसकी थी। जब तक कन्हैयालाल की निर्मम हत्या नहीं हो गई तब तक किस सरकार की पुलिस चुप रही। बता दें कि भाजपा नेता अमित शाह ने यह भी आरोप लगाया कि गहलोत सरकार तो आरोपितों को पकड़ना ही नहीं चाहती थी, एनआईए ने पकड़ा।
सीएम गहलोत पर किया करारा प्रहार
गृहमंत्री शाह ने जनसभा में लोगों को संबोधित करते हुए सीएम गहलोत पर करारा प्रहार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कन्हैयालाल मामले में चार्जशीट तो 22 दिसम्बर 2022 को ही पेश हो चुकी है, लेकिन स्पेशल कोर्ट बनाने का काम राज्य सरकार का है, लेकिन वोटबैंक की राजनीति कांग्रेस पर इतनी हावी है कि स्पेशल कोर्ट अब तक नहीं बनी, वर्ना अब तक फांसी हो चुकी होती।
इधर, मुख्यमंत्री गहलोत ने ट्वीट कर गृहमंत्री शाह पर पलटवार करते हुए उन्हें झूठा करार दिया। उन्होंने कहा, यह उम्मीद की जाती है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं करेंगे, लेकिन उदयपुर में गृहमंत्री अमित शाह ने जो किया वह एक गैर जिम्मेदाराना कार्य है। अमित शाह द्वारा उदयपुर में झूठ बोला गया कि कन्हैयालाल के हत्यारों रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को एनआईए ने पकड़ा, जबकि सच यह है कि इस घटना के महज चार घंटों में राजस्थान पुलिस ने पकड़ लिया था। यह दुःखद घटना 28 जून 2022 को हुई थी, जबकि एनआईए को इस केस की फाइल 02 जुलाई 2022 को ट्रांसफर हुई।
गौरतलब है कि एक साल पहले उदयपुर में ‘सर तन से जुदा’ वाली जिहादी मानसिकता का शिकार कन्हैयालाल हुए थे। इसी मामले को लेकर आज गृहमंत्री ने राजस्थान की सरकार पर निशाना साधा। जिसके जवाब में सीएम अशोक गहलोत ने पलटवार करते हुए गृहमंत्री को झूठा करार दिया है।

