भगवान भोलेनाथ को समर्पित महाशिवरात्रि का त्योहार 18 फरवरी को मनाया जाएगा। इस बार की महाशिवरात्रि में बेहद ही शुभ योग बन रहा है। ज्योतिषियों का कहना है कि इस बार महाशिवरात्रि के दिन तीन ग्रहों का मिलन हो रहा है और इससे कई राशियों जैसे कुंभ, वृषभ, सिंह,वृश्चिक, मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि के लोगों के लिए काफी अच्छा रहेगा। अगर आपके जीवन में शनि की साढ़ेसाती चल रही हो तो महाशिवरात्रि को दिन शिव की आराधना करने से आपको अच्छा फल प्राप्त होगा।
महाशिवरात्रि से जुड़ी दो कथाएं मानी गईं हैं पहली तो ये कि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और इसी दिन सबसे पहले भगवान विष्णु और ब्रह्राजी ने शिवलिंग की पूजा की थी। तभी से भोले बाबा के शिवलिंग पर हर साल महाशिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करने की प्रथा चली आ रही है। तो दूसरी कथा ये है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विवाह हुआ था। इसलिए इस पर्व को बड़ी उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाने लगा।
आपको बताएंगे कि महाशिवरात्रि पर शिव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें लेकिन इससे पहले बता दें कि इस बार कि महाशिवरात्रि खास इसलिए है क्योंकि शनिवार को त्रयोदशी तिथि है और इस तिथि पर प्रदोष का व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा-उपासना के लिए खास होता है।
हर साल महाशिवरात्रि का महापर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। महाशिवरात्रि पर महादेव की पूजा चार पहर में करने का विशेष महत्व होता है और इसमे से भी रात्रि का 8वां मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। इस बार चतुर्दशी तिथि 19 फरवरी की शाम को समाप्त हो जाएगी। इस कारण से महाशिवरात्रि का त्योहार 18 फरवरी को मनाया जाएगा।
अब आपको बताते हैं महाशिवरात्रि के दिन महादेव की पूजा अर्चना कैसे करें-
महाशिवरात्रि पर शिवभक्त सुबह स्नान कर शिवमंदिर जाएं।
पूजा में चन्दन, मोली ,पान, सुपारी,अक्षत, पंचामृत,बेलपत्र ,धतूरा,फल-फूल,नारियल इत्यादि शिवजी को अर्पित करें।
भगवान शिव को अत्यंत प्रिय बेल को धोकर चिकने भाग की ओर से चंदन लगाकर चढ़ाएं।
‘ॐ नमः शिवाय’ मन्त्र का उच्चारण जितनी बार हो सके करें।
रात्रि के चारों प्रहरों में भगवान शंकर की पूजा अर्चना करनी चाहिए।
अभिषेक के जल में पहले पहर में दूध, दूसरे में दही ,तीसरे में घी और चौथे में शहद को शामिल करना चाहिए।
दिन में केवल फलाहार करें, रात्रि में उपवास करें।

