ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा। मस्जिद के अंदर त्रिशूल कहां सा आया हमने तो नहीं रखा? ज्योतिर्लिंग है देव प्रतिमाएं हैं पूरी दीवालें चिल्ला चिल्ला कर क्या कह रही हैं सीएम योगी के इस बयान पर अब पलटवार शुरू हो चुके हैं अब सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने दावा किया है मुसलमानों से कोई गलती नहीं हुई है ज्ञानवापी पर कानूनी हकर उन्हीं का है जबरदस्ती हिंदू इसे अपना मंदिर बता रहें हैं।
सपा सांसद बर्क ने कहा कि वहां कोई त्रिशूल नहीं था और ना अभी हाल ही में ASI के सर्वे में भी कुछ ऐसा नहीं मिला है तो हम नहीं मानते हैं कि मस्जिद में कुछ है। देश के अंदर कानून मौजूद है, लोकतंत्र है देश में सबको हर मजहब वाले को अपने अपने मजहब पर रहने और अपनी बात कहने का हक दिया गया है। दूसरों को भी जीने का मौका दीजिए उनके साथ इस किस्म का जुल्म ज्यादती करना गलत है।
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का भी सीएम योगी के ज्ञानवापी बयान को लेकर पलटवार सामने आया है ओवैसी ने सीएम योगी पर तो आरोप लगा दिया कि मुख्यमंत्री केवल सांप्रदायिकता फैलाने का काम कर रहे हैं, उनका इस तरह का बयान संविधान के खिलाफ और विवादित है।
मुख्यमंत्री को कानून का पालन करना चाहिए, वो मुसलमानों पर दबाव डाल रहे हैं। मुस्लिम पक्ष इस मामले में हाईकोर्ट में है और एक दो दिन में फैसला आने वाला है। वो साप्रांदायिकता फैला रहे हैं उनका बस चला तो बुलडोजर चला देंगें।”
इस दौरान ओवैसी ने कहा कि उन्हें 1991 के एक्ट को मानना पड़ेगा। ये इनकी एक चाल है सवाल हिंदू और मुस्लिम का नहीं है सवाल ये है कि क्या मुख्यमंत्री कानून को मानेंगे या फिर नहीं ओवैसी ने कहा कि आप 400 साल पीछे जाना चाहते हैं या फिर देश को 100 साल आगे ले जाना चाहते हैं ये फैसला मुख्यमंत्री योगी को करना होगा। वो प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब भी देखते हैं इससे मालूम हो रहा है कि वो देश को 400 साल पीछे ले जाना चाहते हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इसे सभी को मानना होगा। यूपी के मुख्यमंत्री कानून को नकार नहीं सकते हैं।

