लखनऊ बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि हापुड़ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज की जांच के लिए जो कमेटी बनाई गई है, उससे निष्पक्ष जांच की आशा नहीं है। उसमें मंडलायुक्त के अलावा आईजी और डीआईजी पुलिस को नामित किए गए हैं।
जांच कमेटी में शामिल हों न्यायिक अधिकारी: बार काउंसिल यूपी अध्यक्ष शिव किशोर गौड़
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने कहा कि बार के सदस्यों और प्रदेश के बार संघों के पदाधिकारियों से वार्ता के बाद संगठन इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि मौजूदा जांच कमेटी से निष्पक्ष जांच की आशा नहीं है, क्योंकि इसमें सिर्फ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जांच कमेटी में एक न्यायिक अधिकारी और बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को भी नामित किया जाए। इसके अलावा दो ऐसे अधिकारियों को भी उसमें शामिल किया जाए, जो पुलिसकर्मी न हों।
अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का अनुरोध: शिव किशोर गौड़
अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने सीएम योगी से कहा कि उनकी मांगें पूरी होने पर ही बार काउंसिल व प्रदेश के अधिवक्ता इस जांच कमेटी का सहयोग करेंगे। उन्होंने इस आंदोलन के दौरान प्रदेशभर में अधिवक्ताओं के विरुद्ध दायर किए मुकदमों को वापस लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने का अनुरोध करेगी।

