पिछले एक महीने से पहलवानों के द्वारा चल रहे धरने प्रदर्शन ने कई मोड़ लिए, नए संसद के उद्घाटन दिन से लेकर अभी तक मानो यह मामला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा हैं, इतनी गर्मी तो राजनीति गलियारों में भी नहीं होती जितनी फिलहाल पहलवानों और कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के बीच देखने को मिल रही हैं, हालांकि पहलवानों का प्रदर्शन तो पहले ही दिन से सुर्ख़ियों में बना हुआ था लेकिन बीते कुछ दिनों से तो मामले ने आग पकड़ ली हैं और इसकी लपटें काफी लम्बी हो चुकी हैं जो की देश भर में देखने को मिल भी रही हैं।
अब पहलवानों के धरने के शुरुआत से लेकर पहलवानों को दिल्ली पुलिस के द्वारा घसीटते हुए सलाखो में ले जाने से तो वहीं हरिद्वार में सभी मैडल बहाने तक इस मामले ने मानो पूरे देश को सख्ते में डाल दिया हैं,
दरअसल महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोप में घिरे हुए बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह लगातार ही बयानबाज़ी में लगे रहते हैं इतना ही नहीं आये दिन पहलवानों को आड़े हाथों लेने से कतई भी कतरा नहीं रहे थे
अब क्योंकि पहलवानों के समर्थन में उतरें किसान और खाप लगातार बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे तो वहीं बृजभूषण शरण सिंह ने भी कुछ ऐसा ही करने का ठान लिया आपको बता दें महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोप में घिरे हुए बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने हाल ही में डंके की चोट पर 5 जून को अयोध्या में जन चेतना रैली कर शक्ति प्रदर्शन करने का फैसले किया था इतना ही नहीं इसी शक्ति प्रदर्शन के प्रचार के लिए बृजभूषण शरण सिंह जिले जिले घूम कर हल्ला काट रहे थे तो वहीं उनके समर्थक भी कमर तोड़ मेहनत कर रहे थे,लेकिन इस पूरे मामले में मोड़ तब आया जब बीते दिन बृजभूषण शरण सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट कर अपने 5 जून के कार्यक्रम को कैंसिल कर दिया हैं इस पोस्ट में बृजभूषण शरण सिंह ने लिखा “वर्तमान स्थिति में कुछ राजनीतिक दल विभिन्न स्थानों पर रैलियां कर प्रांतवाद, क्षेत्रवाद और जातीय संघर्ष को बढ़ावा देकर सामाजिक समरसता को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं।
उद्देश्य यह है कि 5 जून को अयोध्या में एक संत सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया ताकि पूरे समाज में फैल रही बुराई पर विचार किया जा सके, लेकिन अब जबकि पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और सुप्रीम कोर्ट के गंभीर निर्देशों का सम्मान करते हुए “जन चेतना महारैली, 5 जून, अयोध्या चलो” कार्यक्रम कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।”
तो दूसरी और सुनने में यह भी आ रहा हैं की बृजभूषण सिंह ने आलाकमान की सख्ती की वजह से ये कदम उठाया है दरअसल बीजेपी आलाकमान ने अब बृजभूषण मामले में कूद पड़े हैं और साथ ही बृजभूषण को धरकर खरी खोटी भी सुनाई हैं आपको बता दें की आलाकमान ने बृजभूषण को सख्त हिदायत दी है कि मीडिया में बयानबाजी से बचे और उकसाने वाले बयान न दे। और जितना हो सकें इस मामले में बोलने से बचने के कड़े निर्देश दिए हैं
अब क्योंकि बृजभूषण लगातार बयानबाजी कर अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब देने पर उतारू थे, तो वहीं इस मामले में भाजपा को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इतना ही नहीं भाजपा पर बृजभूषण को बचाने के आरोप लगातार लग रहे हैं जिसे देखकर लगता हैं की बृजभूषण शरण सिंह का पहलवानों को कॉपी करने का प्लान बुरी तरह से फ्लॉप हो गया।
अब आपको बता दें की बीते दिन यानी 2 जून को बृजभूषण के खिलाफ हुई FIR भी सामने आयी जिसमे बृजभूषण पर काफी आरोप लगे हैं
तो वहीं हरियाणा के कुरुक्षेत्र में खाप महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे आपको बता दें की पहलवानों को किसान और खाप का जमकर समर्थन मिल रहा हैं,इस महापंचायत के बाद किसानी नेता राकेश टिकैत ने बृजभूषण शरण सिंह को सीधा सीधा अल्टीमेटम दे डाला।
राकेश टिकैत ने कहा की इस ‘मामले का समाधान बातचीत से करें और बृजभूषण शरण सिंह की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो और अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम 9 जून को पहलवानों के साथ दिल्ली के जंतर मंतर जाएंगे और पूरे देश में पंचायत करेंगे और सिर्फ पंचायत नहीं प्रदर्शन भी होगा और उसके बाद अगर कुछ हुआ तो उसकी ज़िम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ सरकार की होगी अब इस पूरे वाक्य के बाद बीजेपी सांसद पहलवानों के इस धरने में फ़िलहाल बैकफुट पर नज़र आ रहे हैं।
अब बीजेपी के आलाकमानों के द्वारा बृजभूषण को दी गयी चेतावनी और किसानों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम से तो लगता हैं की बृजभूषण शरण सिंह जितनी तेज़ी से हवा में उड़ रहे थे उतनी ही तेज़ी से नीचे आ गिरें तो अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा की क्या फाइनली बृजभूषण शरण सिंह सलाखों के पीछे जाने वाले हैं।

