हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को ब्रजमंडल की शोभायात्रा के दौरान जमकर हिंसा हुई, पथराव हुआ, ताबड़तोड़ फायरिंग भी हुई। पुलिस ने हिंसा के मामले में अब तक 176 गिरफ्तारी कर ली हैं और पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं जो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं उनकी उम्र 14 से 25 तक है। इस हिंसा के पीछे की सारी कहानी के भी खुलासे हुए हैं।
दरअसल हरियाणा के नूंह में अरावली की पहाड़ियों पर बना शिव मंदिर तीन पहाड़ियों से घिरा हुआ है। इस मंदिर में पहुंचने और निकलने का एक ही रास्ता है. 31 जुलाई को सावन का सोमवार होने की वजह से नलहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की तादात बाकी दिनों से ज्यादा थी। इसी दिन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ब्रज मंडल शोभायात्रा भी निकाली गई करीब 500 मीटर यात्रा निकली ही थी की तभी ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई।
जिन्होनें इस हिंसा को अपनी आंखो से देखा उन्होनें मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उपद्रवियों के टारगेट केवल शोभायात्रा ही नहीं थी बल्कि जो लोग अलग से मंदिर पहुंचे थे उनको भी टारगेट बनाया गया। चश्मदीदों ने बताया कि हालात इतने बदत्तर थे कि जिसको जहां सुरक्षित स्थान मिला वहां अपनी जान बचाने के लिए छिप गए। हमलावरों ने AK-47 से हमले किए। लोगों ने बताया कि उपद्रवी फायरिंग में एकदम एक्सपर्ट थे ऐसा लग रहा था कि आतंकवादी हमला हुआ है।

