पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। विवाद इतना गहरा गया है कि 15जून की रात भीड़ ने केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के घर पर आग लगा दी। दरअसल मणिपुर में मैतई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलने पर कुकी और नागा समुदाय का विरोध है। सरकारी भूमि सर्वे और इस भूमि सर्वे के खिलाफ कुकी समुदाय ने हंगामा किया हुआ।
मैतेई समुदाय मणिपुर की आबादी का करीब 53 प्रतिशत है और समुदाय के अधिकतर लोग इंफाल घाटी में रहते हैं। नागा और कुकी समुदायों की संख्या कुल आबादी का 40 प्रतिशत है और वे पर्वतीय जिलों में रहते हैं। विवाद की आग में उपद्रवियों ने न्यू चेकऑन में भी दो घर फूंक दिए। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
मंगलवार (13 जून) को अचानक गोलीबारी हुई जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए हैं। इस दौरान शरारती तत्वों ने खमेनलोक गांव के कई घरों में भी आग लगा दी। तामेंगलोंग जिले के गोबाजंग में भी कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली है।
वहीं अब तक हालातों की बात की जाए तो मणिपुर में काफी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, राज्य में 16 में से 11 जिलों में कर्फ्यू लगा हुआ है, जबकि इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं। इतना ही नहीं लोगों को मूलभूत जरूरतों के लिए भी संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है।

