मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बता दें गुरूवार को राहुल गांधी मणिपुर पहुंचे लेकिन रास्ते में उनके काफिले को रोका गया इसके बाद भी राहुल गांधी रूके नहीं रास्ते को छोड़क उन्होनें हेलीकॉप्टर का सहारा लिया और इस दौरान मणिपुर में अलग-अलग घटनाएं हुईं, कहीं गोलीबारी हुई है। कहीं टायर जलाए गए तो कहीं सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई है। पुलिस को हालत पर काबू पाने के लिए बल का प्रयोग करना पड़ा।
बता दें मणिपुर में ये आग की हिंसा 3 मई को पहली बार हुई थी इसके बाद हिंसा की थमने का नाम नहीं ले रही है लगातार फैलती जा रही है जातीय संघर्ष के बाद से राज्य भर में अब तक करीब 50,000 लोग 300 से ज्यादा राहत शिविरों में रह रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरूवार को मणिपुर के चुराचांदपुर पहुंचे जहां उन्होनें हिंसा प्रभावित शरणार्थी शिविरों का दौरा किया। राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा के पीड़ित विस्थापितों से बात भी की। गांधी ने उन्हें आश्वासन दिया कि पीड़ितों की मदद करने के साथ ही बढ़ती समस्या का समाधान करने का भी प्रयास करेंगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज सुबह इंफाल से मोइरांग के लिए रवाना हो चुके हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र के मुताबिक, वह राहत शिविरों का दौरा करेंगे और वहां प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे। वे दौरे के बाद इंफाल लौटेंगे और समान विचारधारा वाले 10 पार्टी नेताओं, यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के नेताओं और नागरिक समाज संगठन के सदस्यों से मिलेंगे।
मणिपुर में गुरूवार की रात और भी ज्यादा खतरनाक रही क्योंकि हिंसी की आग देर रात भी काफी भड़की उपद्रवी ऐसे बौखलाए कि उन्होनें राजधानी में मुख्यमंत्री आवास तक जुलूस निकालने की कोशिश की गई जब पुलिस ने इन्हें सीएम आवास की तरफ जाने से रोका तो जुलूस हिंसक हो गया उसके बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदर्शन करने वालों ने सड़कों पर टायर भी जलाए। हिंसा में मणिपुर में बीजेपी के एक दफ्तर पर भी हमला किया गया।

