उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल 16 मार्च से जारी है और इसका असर अब गांव के अलावा शहरों पर भी पड़ने लगा है और लोंगो को पानी की समस्या होने लगी है सरकार भले ही राहत देने की बात कर रही हो, लेकिन हकीकत ये है कि परेशान लोग सड़क पर तक उतर आए हैं। यूपी में करीब 1 लाख बिजली कर्मचारी 72 घंटे की हड़ताल पर हैं। इस आंदोलन में जो खास बात है वो ये है कि रेगुलर बिजली कर्मियों के साथ, संविदाकर्मी और आउटसोर्सिंग पर रखे गए विद्युत कर्मी भी आंदोलन को धार दे रहे हैं।
आपको बता दें कि झांसी जिले के अंतर्गत आने वाला रानीपुर कस्बा बुनकर बाहुल्य क्षेत्र है। यहां पर कपड़ा बनाने का कार्य बड़े स्तर पर किया जाता है। तो वही बिजली ना मिलने के चलते कपड़ा बनाने का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। जिसमें कई लोग तो ऐसे हैं जो दूसरे लोगों की मजदूरी कर कपड़ा बनाकर उससे अपना भरण-पोषण करते थे। तो वही बिजली ना मिलने के चलते बुनकर बेहद बुरे दौर से गुजर रहे हैं। बुनकरों का कहना है कि अगर यही हालात कि एक-दो दिन और रहे तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का बनारसी साड़ी का मुख्य व्यवसाय भी बिजली संकट से अछूता नहीं रहा। वहीं लखनऊ में तो डीएम ने एक्शन लेते हुए इलेक्ट्रिसिटी कर्मचारियों की हड़ताल के बीच एक ख़ुद एक सब स्टेशन पर जाकर लाइट संचालन शुरू करवाया। विद्युत कर्मियों की हड़ताल के चलते फर्रुखाबाद में प्रशासन ने एक्शन लेते हुए 13 संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी है।
विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से आम जनता को अब खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते जनपद पीलीभीत में बीते 17 मार्च और 18 मार्च को जो भी फीडर खराब हुआ वो खराब ही है, उस फीडर से जुड़े गांव और मोहल्लों में अंधेरा छाया हुआ है, लोंगो ने हालत को देखते हुए जनरेटर मंगवा लिए हैं। यूपी के जौनपुर में
जिले की विद्युत व्यवस्था बहाल करने के लिए जिला प्रशासन पूरी ताकत झोंक दिया है । जिलाधिकारी अनुज कुमार झा हाईडिल पहुंचकर परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे बिजली कर्मचारियों से परिसर को खाली कराकर पुलिस का पहरा बैठा दिया। । डीएम ने मीडिया को बताया कि बिजली व्यवस्था बहाल कराने की प्रक्रिया चल रही आज शाम तक पूरे जिले में बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चालू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि बिजली व्यवस्था में खलल डालने वाले 5 लोगो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है , 117 सविंदा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।उधर आंदोलनरत कर्मचारियों ने आज विद्युत भंडारण केंद्र में डेरा डालकर धरना प्रदर्शन कर रहे है।

