शनिवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में कांग्रेस अधिवेशन में सोनिया गांधी के भाषण के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से उनके राजनीति सन्यास को लेकर अटकले लगीं थीं। लेकिन इन अटकलों को विराम देते हुए सोनिया गांधी ने इनकार कर दिया और कहा कि वो ना कभी रिटायर थीं और ना आगे कभी होने वाली हैं।
रायपुर में कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी भाषण देते समय भावुक हो गईं थीं सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए सहयोगियों को धन्यवाद कहा था। इस दौरान बतौर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सफर और पार्टी के लिए योगदान को दर्शाता एक वीडियो भी प्ले किया गया था।
सोनिया गांधी ने कांग्रेस के इस अधिवेशन में भाषण देते समय वो पल भी याद किया जब मनमोहन सिंह के नेतृत्व में पार्टी को जीत मिली थी। उन्होंने ये भी कहा कि साल 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद से अब तक 25 साल में हमने बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं और निराशा का समय भी देखा है।
अपने भाषण के दौरान उन्होनें भारत जोड़ो यात्रा की तारीफ़ करते हुए कहा कि ये यात्रा मेरे लिए सबसे संतोषजनक देने वाली रही। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सोनिया गांधी ने उन्हें बधाई दी। सोनिया गांधी ने कहा राहुल गांधी के लिए ये यात्रा इतनी आसान नहीं थी विपक्ष ने उनपर कई तरह के तंज कसे, यात्रा को रोकने का भी प्रयास किया लेकिन उन्होनें हिम्मत नहीं हारी, चुनौतियों से लड़कर हर नामुमकिन काम को मुश्किल किया।
पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी राहुल गांधी का बहुत साथ दिया। उनकी ताकत बने, सोनिया गांधी ने निजी हितों को किनारे रखकर अनुशासन के साथ काम करने का मंत्र दिया था। उन्होंने ये भी कहा था कि मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में हम जरूर कामयाब होंगे।
वहीं कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा कि जब उन्होंने सोनिया गांधी को मीडिया में चल रही संन्यास की खबरों के बारे में बताया तो उन्होंने इसे खारिज कर दिया। लांबा ने कहा कि अधिवेशन के दौरान मुझे सोनिया से 2 मिनट बात करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि मैंने सोनिया को बताया, ”मैडम आपकी कल की बातों को संन्यास के रूप में लिया जा रहा है”, तो सोनिया ने कहा कि वे संन्यास नहीं ले रही हैं और पार्टी को आशीर्वाद और मार्गदर्शन देती रहेंगी।

