विवादों के मामले में घिरे बागेश्वर धाम में भारी मात्रा में लोग अभी भी जमा हो रहें हैं। आलम ये रहा कि लाखों लोंगो की आस्था भरी संख्या में एक बीमार महिला की जान ले ली। महिला का नाम नीलम देवी था और वह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की रहने वाली थी उसकी मौत पर महिला के पति ने कहा कि, वह बीमार थी। पति ने बताया कि हम रोज परिक्रमा लगा रहे थे, लेकिन बीच बीच में उसकी तबीयत खराब हो जाती थी, कल भी तबियत खराब हो गई थी। संन्यासी बाबा उसे ठीक करते थे, डॉक्टर इस बात से अचंभित थे कि वह कैसे चल रही है। वह आराम से खा रही थी और घूम रही थी।
बता दें कि मध्य प्रदेश के छतरपुर के बागेश्वर धाम में काफी संख्या में लोग अर्जी लेकर पहुंचते हैं। ठीक इसी तरह नीलम देवी भी अपनी बीमारी की ठीक होने की अर्जी लेकर बागेश्वर धाम में पहुंची थी लेकिन उन्हें क्या पता था कि ठीक होने की बजाय उनकी मौत हो जाएगी। बताया जा रहा है कि अचानक उसकी तबियत खराब हो गयी। जब नीलम देवी के परिजनों से पूछा गया उनकी तबियत के बारे में तो उन्होनें बताया कि सुबह उसकी तबीयत ठीक थी उन्हें भी समझ नहीं आया कि अचानक उसकी तबियत बिगड़ी कैसे?
बागेश्वर धाम में सबकी तकलीफ दूर होने की बात सुनकर वे भी अपनी अर्जी लगाने के लिए नीलम देवी को साथ लेकर पहुंचे थे, उन्होंने सुबह पंडाल में खाना भी खाया था, लेकिन शाम होते-होते अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद नीलम देवी की मौत हो गई।
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर मामला विवादों में पहले से ही था, कि धर्म की आड़ में वो लोंगो को भ्रमित करते थे और उनपर काला जादू, टोना टोटका करते थे, आरोपों के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि वो कोई चमत्कार, जादू, टोना टोटका नहीं करते हैं उन्हें ऊपर यानि भगवान से जो आदेश मिलता है उसे ही एक पर्ची पर लिखकर बताते हैं।

