उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से मंगलवार को भीषण गर्मी की चपेट में रहे और राजस्थान के चुरू और हरियाणा के सिरसा में पारा 50 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया तथा दिल्ली में तापमान सामान्य से नौ डिग्री अधिक रहा। दिल्ली में कम से कम तीन मौसम केंद्रों ने अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि दिल्ली के मुंगेशपुर और नरेला में अधिकतम तापमान 49.9 डिग्री और नजफगढ़ में 49.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
30 मई के बाद मिल सकती लू से राहत
यह इस मौसम में राजधानी में दर्ज किया गया सबसे अधिक तापमान था। हालांकि, मुंगेशपुर और नरेला मौसम केंद्र 2022 में स्थापित किए गए और उनके पास केवल पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड है। हालांकि IMD ने कहा कि 30 मई के बाद लू से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग द्वारा कहा गया है कि गुरुवार को उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ आने की उम्मीद है, जिससे सप्ताहांत में इस क्षेत्र में छिटपुट बारिश हो सकती है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्म लहर की स्थिति के लिए मई के उत्तरार्ध के दौरान पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति को जिम्मेदार ठहराया है।
इन जगहों पर अब तक का सबसे अधिक तापमान
आईएमडी के अनुसार, 10 मौसम केंद्रों ने अब तक का सबसे अधिक तापमान और इस महीने का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया, आगरा-ताज (48.6 डिग्री सेल्सियस), बिहार में देहरी (47 डिग्री सेल्सियस), उत्तर प्रदेश में हमीरपुर (48.2 डिग्री सेल्सियस), उत्तर प्रदेश में झांसी (49 डिग्री सेल्सियस), हरियाणा में नारनौल (48.5 डिग्री सेल्सियस), आयानगर-दिल्ली (47.6 डिग्री सेल्सियस), नई दिल्ली-रिज (47.5 डिग्री सेल्सियस), मध्य प्रदेश में रीवा (48.2 डिग्री सेल्सियस), हरियाणा में रोहतक (48.1 डिग्री सेल्सियस), और उत्तर प्रदेश में वाराणसी (47.2 डिग्री सेल्सियस)।
गर्मी के कारण बढ़ी बिजली की मांग
भीषण गर्मी के कारण भारत की बिजली की मांग 239.96 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो इस मौसम में अब तक की सर्वाधिक मांग है, तथा घरों और कार्यालयों में एयर कंडीशनर और कूलर पूरी क्षमता से चल रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि बिजली की मांग और भी बढ़ सकती है तथा सितम्बर 2023 में दर्ज 243.27 गीगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर सकती है। लगातार तीन वर्षों से भारत के कई भागों में भीषण गर्मी ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है, जिससे स्वास्थ्य, जल उपलब्धता, कृषि, विद्युत उत्पादन और अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।

