उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में शामिल शूटरों और साजिशकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। हर रोज नई नई चौकाने वाले खुलासे हो रहे है। पुलिस लगातार तफ्तीश कर रही है। इसके इतर अब माफिया अतीक के भाई अशरफ के साथ साठगांठ करने के मामले में सबूत मिलने पर कई पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गयी है। बता दें कि माफिया अतीक का भाई अशरफ भी इस हत्याकांड में शामिल था।
गौरतलब है कि जिला जेल में बंद माफिया अतीक के भाई अशरफ से मिलीभगत के आरोप में जेलर राजीव मिश्रा, डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह, जेल वार्डर (सिपाही) शिवहरि अवस्थी, मनोज गौड़, ब्रजवीर सिंह, दानिश व दलपल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। दूसरे डिप्टी जेलर कृष्ण मुरारी गुप्ता को नोटिस जारी किया गया है। जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला के विरुद्ध भी जांच रिपोर्ट भेजी गई है, जिस पर शासन आगे फैसला लेगा।
बता दें कि 24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड से पहले आरोपियों ने बरेली जेल आकर अशरफ से कई बार मुलाकात की थी। जेल अधिकारियों के साठगांठ से अशरफ के गुर्गों की बिना पर्ची मिलाई कराई जाती थी।
एसटीएफ के सामने ऐसे कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आने के बाद शासन ने डीआइजी जेल बरेली आरएन पांडेय को इन सभी की भूमिका की जांच सौंपी थी। सोमवार सुबह उन्होंने रिपोर्ट भेजी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

