बाराबंकी जिले में सरयू नदी की बाढ़ से लगातार ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। पिछले 15 दिन से घट-बढ़ रहे सरयू नदी के जलस्तर ने रविवार की सुबह चेतावनी के बिंदु पार कर लिए हैं। खतरे के निशान की ओर बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जहां तराई के करीब 35 गांवों में दहशत व्याप्त है, वहीं प्रशासन ने गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। सिरौलीगौसपुर तहसील प्रशासन ने तिलवारी गांव के 7 लोगों को नोटिस जारी करते हुए घरों को खाली कर देने की चेतावनी दी है। बता दें कि जिले के रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के करीब डेढ़ सौ गांव हर साल सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इस समय नदी तिलवारी गांव के करीब पहुंच गई है, जिससे 7 घर नदी के मुहाने पर आ गए हैं, सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने नोटिस जारी किया है।
बता दें कि जिले के रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के 100 से 150 गांवों में हर साल सरयू नदी की बाढ़ का कहर बरपता है। इस बार 23 जून से नदी का जलस्तर बढ़ना शुरु हुआ था। बृहस्पतिवार को सरयू नदी का जलस्तर 104.696 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। पूरे दिन जलस्तर स्थिर रहा। लेकिन बरसात के कारण शुक्रवार सुबह जलस्तर चेतावनी बिंदु 105.070 मीटर को पार कर 105.096 मीटर पहुंच गया। इससे तराई के गांवों में दहशत व्याप्त हो गई। डीएम अविनाश कुमार ने संबंधित तहसीलों के एसडीएम को अलर्ट कर दिया।
हालांकि जलस्तर बढ़ने के साथ ही सिरौलीगौसपुर के तेलवारी, इटहुआ पूर्व व रामनगर के कुसौरा गांव के पास हो रही तेज कटान थम गई, लेकिन तिलवारी गांव के साथ घर नदी के मुहाने पर आ गए हैं। सुरक्षा को लेकर सिरौलीगौसपुर तहसील प्रशासन ने इन 7 घरों में रह रहे लोगों को नोटिस जारी करते हुए घरों को खाली कर देने की चेतावनी दी है। एडीएम सिरौलीगौसपुर विश्वमित्र सिंह ने बताया कि बाढ़ को लेकर तैयारी पूरी है। राजस्व कर्मचारियों की ड्यूटी तटबंध पर लगाई जा रही हैं।

