Sambhal Violence : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हाल ही में हुए हिंसक बवाल में पथराव और आगजनी के बाद योगी सरकार ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने बवाल में शामिल सौ से अधिक उपद्रवियों को चिन्हित कर लिया है और जल्द ही उनके पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, उपद्रवियों से बवाल के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी और उनसे वसूली की जाएगी। यह कदम योगी सरकार के उस अध्यादेश का हिस्सा है, जो अपराधियों और उपद्रवियों से क्षतिपूर्ति लेने के संबंध में पहले ही जारी किया जा चुका है।
सीएम योगी का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही फरार उपद्रवियों के खिलाफ इनाम की घोषणा भी की जा सकती है। पुलिस विभाग ने गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिशें देना शुरू कर दी हैं और उपद्रवियों के खिलाफ सभी कानूनी उपायों को लागू करने की तैयारी की जा रही है।
हिंसा और नुकसान का विवरण
संभल बवाल (Sambhal Violence) की शुरुआत उस समय हुई जब शाही जामा मस्जिद के पूर्व में हरिहर मंदिर होने के वाद पर कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई टीम ने सर्वे के लिए मस्जिद का दौरा किया। इस दौरान स्थानीय लोगों का आक्रोश उभर आया और हिंसा भड़क गई। पथराव, फायरिंग और आगजनी की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक पुत्र सुहेल इकबाल समेत 2500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
प्रशासन की कार्यवाही
पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज भी जुटाए हैं, जिनमें से कुछ कैमरे हिंसा के दौरान तोड़ दिए गए थे। हालांकि, पुलिस दावा कर रही है कि सौ से अधिक उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जौनेय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि संभल जिले में नामजद आरोपियों के फोटोयुक्त पोस्टर जारी किए जाएंगे, ताकि लोगों को इनकी पहचान हो सके और इन पर दबाव डाला जा सके।
स्थिति में सुधार
वर्तमान में संभल का माहौल धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। मंगलवार को स्कूल तो खुले, लेकिन बच्चों की उपस्थिति बहुत कम रही। इंटरनेट सेवाएं अब तक बहाल नहीं की जा सकी हैं और प्रशासन ने एहतियातन 24 घंटे के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया है। पुलिस अधिकारियों ने शहर में गश्त बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
शाही जामा मस्जिद के आस-पास के इलाके छोड़कर, शहर के बाकी बाजार पूरी तरह से खुले थे, लेकिन वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी तरह से सक्रिय है और शांति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
आगे की योजना
मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराम जी ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं करना है। केवल उन लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जो हिंसा में शामिल रहे हैं। इसके लिए पुलिस साइबर सेल की मदद भी ले रही है ताकि किसी भी तरह के सोशल मीडिया से जुड़ी जानकारी का सही उपयोग किया जा सके।

