अगर किसी को किसी से सच्चा प्रेम हो जाए तो उसके लिए कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। वह हर मुश्किलों का रास्ता ढूंढ़ लेता है। उसे न कोई पाबंदी रोक पाती है, न ही कोई सरहद। वह हर चुनौतियों को आसानी से पार कर लेता है।
ऐसा ही एक वाक्या उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला में देखने को मिला है। जर्मनी में एक इंटरनेशनल कंपनी में काम कर रहे बस्ती जिले के सिकटा निवासी लाल जी शुक्ला के पुत्र ऋषभ शुक्ला की एक रूसी युवती शेवता राना से दोस्ती हो गई जो बाद में धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।
बता दें कि जर्मनी की एक मल्टीनेशनल कंपनी में दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। भारतीय संस्कार से ओतप्रोत युवक ने अपने माता-पिता से बात की और रूसी युवती के बारे में विस्तार से बताया तो माता-पिता ने उसे इस बात की अनुमति दी कि यदि वह भारत आकर शादी करें तो उन्हें खुशी होगी।
अपने प्यार को परिपूर्ण करने के लिए रूसी युवती ने अपने घरवाले को सारी बात बताई। उसके बाद अपनी बेटी की इच्छा पूर्ण करने के लिए उसके घरवालों ने भी हां कर दी। अब यह जोड़ा विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर हमेशा के लिए एक हो गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने वर-वधु को आशीर्वाद दिया। इनदोनों की शादी बीती रात धूमधाम से भारतीय संस्कृति के अनुसार हुई। रूसी मूल की लड़की शेवता राना ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है।

