कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर एक बार फिर खतरे की घंटी बज चुकी है। 3 साल कोरोना ने देश और दुनिया पर जो आफत लाई थी वो शायद ही कोई भूल पाया हो। कोरोना महामारी ने देश में वो हालात पैदा कर दिए थे जिससे उभरने के लिए आज भी कोशिश जारी है।
कोरोना ने 3 सालों में अपने नए वैरिएंट के रूप में देश को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया था, तमाम लोग बेरोजगार हो गए, रोजी रोटी छिनी तो लोगों का पलायन शुरू हो गया सैंकडो लोग कर्म भूमि को छोड़कर अपने घर को लौटने लगे थे। हालात भयावह हो गए थे। अब एक बार फिर बीते चार महीनों में कोरोना के बढ़ते मामलों ने खतरे की घंटी बजा दी है और केंद्र सरकार भी जाग गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, भारत में गुरुवार (16 मार्च) को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 754 नए मामले सामने आए। देश में कुल एक्टिव कोरोना मामलों की संख्या 4,623 पर पहुंच गई है। कोविड-19 के मामलों में तेजी को लेकर केंद्र सरकार की ओर से 6 राज्यों को अलर्ट जारी किया गया है. कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जांच, निगरानी और बचाव के उपायों को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।
कोरोना के साथ साथ देश में एक नई बीमारी ने लोगों को संकट में डालना शुरू कर दिया है। देश में H3N2वायरस के धीरे धीरे बढ़ते मामलों से भारत देश में दो मौत भी दर्ज की गई है हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, कर्नाटक के हासन में एक व्यक्ति और हरियाणा में एक शख्स की इस वायरस से मौत हो चुकी है। फिलहाल अभी मौत हुए दोनों शख्स की पुरी तरह से जानकारी नहीं दी गई है। अब ये बीमारी देश के लिए संकट का विषय बनने लगी है।
H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस ने खतरे की घंटी देश के लिए बजा दी है खासकर दिल्ली और उसके आसपास के राज्यों में यह बीमारी काफी ज्यादा फैल रही है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो यह वायरस फेफड़ों में गंभीर रूप से इंफेक्शन का कारण बन रहा है। 6 महीने के अंदर इस बीमारी ने अपना पैटर्न बदल दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना में कहा गया है कि H3N2 वायरस से होने वाले संक्रमण पर हमारी पूरी नजर है। और ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च के आखिरी सप्ताह में इस बीमारी के मरीज घट सकते हैं। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि 2 जनवरी से 5 मार्च तक देश में H3N2 के कुल 451 मामले आए हैं।
मौसम में तेज बदलाव की वजह से बीमारियां अपना प्रकोप फैलाने में जुटी हुईं हैं तो ऐसे में विशेष ध्यान रखते हुए ढिलाई ना करते हुए सावधानी बरत के रखने की खास आवश्यकता है।

