बारिश के बाद से देश में बीमारियों ने दस्तक दे दी है। आई फ्लू ने देश के कई राज्यों में अपने पैर पसारने तेजी से शुरू कर दिए हैं एक ही परिवार के कई सदस्य आई फ्लू का शिकार हो रहें हैं और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी पड़ी है। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि हर बार बारिश के चलते इस बीमारी से लोग प्रभावित होते हैं लेकिन 1-2 सप्ताह में आई फ्लू अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन इसके साथ एक्सपर्ट ने लोंगो को अपना ध्यान रखने के लिए सलाह दी कि जिसको भी आई फ्लू हो उसके पास ना जाएं।
बच्चों से लेकर बड़े- बूढ़ो में आई फ्लू देखने को मिल रहा है तेजी से बढ़ते हुए आई फ्लू मामले को लेकर राज्य की सरकारों ने फैसला लिया और शुक्रवार को सिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि आई फ्लू से संक्रमित बच्चों को स्कूल ना बुलाया जाए ताकि आगे इसके प्रसार को रोका जा सके।
राजधानी दिल्ली में तो आई फ्लू के हर रोज 100 मामले सामने आ रहें हैं। AIIMS के आरपी सेंटर के प्रमुख डॉ. जेएस टिटियाल ने बढ़ते आई फ्लू को महामारी घोषित कर दिया और कहा कि कुछ दिनों में मामले बढ़ेगे लेकिन उसके बाद संख्या में कमी आ सकती है। डॉ. जेएस टिटियाल ने कहा आमतौर पर हर साल मॉनसून के सीजन मे आई फ्लू की बीमारी दस्तक देती है लेकिन इस बार मामले ज्यादा इसलिए आ रहें हैं क्योंकि इस बार भारी बारिश हो रही है जिसके चलते आई फ्लू इस बार तेजी से फैल रहा है।
डॉक्टर्स ने आई फ्लू से बचने के लिए उपाय बताएं हैं कि आंखो को दुरस्त रखने के लिए उन्हें नम रखना सबसे बेहतर तरीका है हर दो से तीन घंटो में ठंडे पानी से आंखो को धूले। अनावश्यक चीजों को छूने के बाद आंखो को रगड़े ना, घर से बाहर निकलते हुए काले चश्में का प्रयोग करें, और अगर आपके आई पावर का चश्मा लगा है तो उसे किसी संक्रमित की टेबल या अन्य किसी भी चेबल पर ना रखें। अगर किसी को आई फ्लू है तो उससे हाथ मिलाने से भी बचें क्योंकि केवल ये बीमारी आंखो से नहीं फैलती आंखों का वायरल संक्रमण अपने आप सीमित हो जाता है। व्यक्ति एक से दो सप्ताह में ठीक हो सकता है, सेकेंडरी बैक्टीरियल इंफेक्शन शायद ही कभी हो सकता है। इसे ठीक होने में देरी हो सकती है, ऐसे मामलों में एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।

