नई दिल्ली : कांग्रेस ने रायबरेली और अमेठी लोकसभा क्षेत्रों से उम्मीदवारों को लेकर कई हफ्तों के सस्पेंस को खत्म करने के बाद, राहुल गांधी और केएल शर्मा को कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों से से उम्मीदवार बनाया है। वायनाड से मौजूदा सांसद राहुल अपनी मां सोनिया गांधी और कई कांग्रेसी दिग्गजों के साथ शुक्रवार को आम चुनाव के पांचवें चरण के लिए Nomination दाखिल करने के आखिरी दिन पहुंचे।
राहुल के Nomination में रहेगी शीर्ष नेताओं की मौजूदगी
रायबरेली से नामांकन दाखिल करने से पहले राहुल, अपनी मां और प्रियंका गांधी वाद्रा, केसी वेणुगोपाल, रॉबर्ट वाद्रा, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और एआईसीसी सदस्य अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं के साथ बैठ कर चुनावी मंत्रणा करेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल आज दोपहर में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे, इससे पहले राहुल रायबरेली में एक रोड शो करेंगे। इसे पहले कांग्रेस के गढ़ में उनके आगमन को लेकर रायबरेली में पार्टी कार्यालय में उनके जोरदार स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां चल रही थीं।रायबरेली से राहुल के नामांकन के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मां और प्रियंका गांधी वाद्रा, केसी वेणुगोपाल, रॉबर्ट वाद्रा, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और एआईसीसी सदस्य अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मौजूद रहेंगे।
राय बरेली से राहुल के Nomination पर बीजेपी का कांग्रेस पर तंज
रायबरेली में राहुल का मुकाबला कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए और तीन बार के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह से है। राहुल से पहले उनकी माँ सोनिया, पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने तीन बार रायबरेली से जीत हासिल की थी। इस निर्वाचन क्षेत्र ने 1952 और 1957 में दो बार इंदिरा के पति और कांग्रेस नेता फ़िरोज़ गांधी भी जीत हासिल कर चुके हैं। राय बरेली से राहुल के Nomination को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कि वह अमेठी में हार स्वीकार करने के बाद अब वायनाड से भी भाग रहे हैं। बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी वायनाड हार रहे हैं, यही वजह है कि वह रायबरेली से नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। पहले वो अमेठी हारने के बाद वह वायनाड भाग गए थे।
राहुल गांधी ने 2004 से 2019 तक लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व किया
गौतलब है कि राहुल ने 2004 से 2019 तक लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व किया। उनके पिता और पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी भी 1981 से 1991 में अपनी मृत्यु तक निचले सदन में अमेठी के निर्वाचित सदस्य थे। उससे पहले सोनिया गांधी ने 1999 में यहां से चुनाव लड़ा था जिसके बाद 2004 में राहुल को कमान सौंप दी गई। 2019 के चुनाव में बीजेपी के स्मृति ईरानी ने ने चुनावी समर में राहुल को पराजित कर दिया था।

