आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा गुरूवार को पीसी कर एक बड़ा दावा किया है पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राघव चड़्ढा ने कहा कि मोदी सरकार ने एक नई परंपरा शुरू की है जो खिलाफ बोले उनकी सांसदी समाप्त करो या उन्हें सदन से बाहर करो या उनके खिलाफ एफआईआर करो।
राघव चड्ढा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा जैसे पहले राहुल गांधी की सांसदी छीनी और अब राघव चड़्ढा की सांसदी छिनने पर अड़े है झूठ फैलाकर इनका काम केवल झूठ को सच बोलने का है। मुझे मजबूरन BJP के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए आपके पास आना पड़ा।
दरअसल राज्यसभा में सोमवार को दिल्ली सेवा बिल चर्चा के दौरान राघव चड्ढा पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा कि उन्होनें पांच सांसदो के नाम गलत तरीके से जिक्र करते हुए दिल्ली ट्रांसफर-पोस्टिंग बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रस्ताव रखा। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर उप सभापति से जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग कर दी। जिन छह सांसदों ने राघव चड्ढा पर दस्तखत में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है, उनमें बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी, नरहरि अमीन, एस फांगनोन, बीजेडी के सस्मित पात्रा, एआईएडीएमके के थंबीदुरै और वाईएसआरसीपी के निरंजन रेड्डी हैं।
आप सांसद ने आज इस पर पीसी करते हुए कहा, ‘मैं, सेलेक्ट कमेटी या आसन के बारे में नहीं बोलूंगा इसको लेकर केवल नियम पर बोलूंगा रूल बुक के मुताबिक, सेलेक्ट कमेटी में नाम प्रस्तावित करने के लिए आपको लिखित सहमति या हस्ताक्षर की जरूरत नहीं होती है. इसके बावजूद झूठ फैलाया गया कि राघव चड्ढा ने फर्जीवाड़ा किया. मैं, BJP को चुनौती देता हूं कि वो कागज लेकर आएं, जहां हस्ताक्षर हों…कहां हैं वो कागज?
राघव चड्ढा ने मीडिया के सामने सवाल उठाया- ये सब क्यों हुआ? खुद इसका जवाब देते हुए, उन्होंने बताया कि ये सब इसलिए हुआ कि एक 34 साल के युवा ने हमसे सवाल कैसे पूछ लिया, ललकारा कैसे? हमने उनका डबल स्टैंडर्ड एक्सपोज किया अब बीजेपी मेरे पीछे पड़ गई है।

