खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल को लेकर पंजाब में इस समय का माहौल काफी तनाव का बना हुआ है। पुलिस की नजरें उसकी तलाश में एकदम चौकस हैं। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ते इंतजाम हैं, बड़े पेमाने पर पंजाब पुलिस ने शनिवार को सर्च ऑपरेशन चलाया तो अमृतपाल के 78 लोग तो पुलिस के हाथ लग गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन महत्वपूर्ण बात ये है कि अभी इनका सरदार अमृतपाल अंडरग्राउंड चल रहा है।
हालांकि जो लोग गिरफ्तार किए गए उनमे से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अमृतपाल के खास हैं ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से इन 4 आरोपियों को थोड़ी देर पहले वायुसेना के विशेष विमान से असम के डिब्रूगढ़ ले जाया गया, उन्हें डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में रखा जाएगा। इस मामले को लेकर इंटरनेट पर कोई अफवाह ना फैले इसके मद्देनजर रखते हुए इंटरनेट सेवा पहले रविवार दोपहर 12 बजे तक बंद की गई थी लेकिन पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी समर्थक सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर अमृतपाल सिंह की मदद कर रहे हैं जैसे ही पुलिस को इस बात की भनक लगी वैसे ही एक्शन लेते हुए इंटरनेट सेवाओं को 20 मार्च तक बंद कर दिया गया है जिससे दंगे फसाद ना हो पाएं
इन सबसे ये सवाल भी पैदा हो रहा है कि क्या आखिर पंजाब में कुछ बड़ा होने वाला है। केवल इंटरनेट SMS सेवाएं ही नहीं पंजाब में बस सेवा को भी बंद किया गया है। पुलिस ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि उन्हें आशंका है कि अमृतपाल सिंह के समर्थकों द्वारा तोड़फोड़ की जा सकती है। अमृतपाल सिंह पर कार्रवाई को लेकर कई जिलों में धारा 144 लागू की गई है।
पंजाब के इन जिलों में पुलिस काफी चौकन्ना है अमृतसर, फाजिल्का, मोगा और मुक्तसर समेत कई जिले शामिल है, साथ ही इन जिलों में भारी सुरक्षा बल तैनात है। अमृतपाल के पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा में भारी संख्या में पुलिस बल व पैरा मिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है। जल्लूपुर खेड़ा को सील किया गया है ताकि ना कोई गांव में आ सके, ना कोई गांव से जा सके।

