Priyanka Gandhi : कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज संसद सदस्य के रूप में शपथ ली। केरल के वायनाड से लोकसभा उपचुनाव में शानदार जीत के बाद प्रियंका ने आज संसद भवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस ऐतिहासिक मौके पर उनके भाई राहुल गांधी और मां सोनिया गांधी भी संसद में मौजूद थीं। शपथ लेने के बाद प्रियंका गांधी उस विशेष सूची में शामिल हो गईं, जिनके परिवार का एक सदस्य संसद के किसी न किसी सदन का सदस्य है। खास बात यह है कि अब संसद में तीनों गांधी परिवार के सदस्य, सोनिया गांधी (राज्यसभा), राहुल गांधी (लोकसभा) और प्रियंका गांधी (लोकसभा), एक साथ मौजूद होंगे।
प्रियंका गांधी का वायनाड से संसद में प्रवेश
प्रियंका गांधी ने हाल ही में वायनाड लोकसभा उपचुनाव में शानदार जीत हासिल की। राहुल गांधी द्वारा अपनी वायनाड सीट छोड़ने के बाद प्रियंका ने इस सीट से चुनाव लड़ा और माकपा के सत्यन मोकेरी को चार लाख से अधिक वोटों से हराया। प्रियंका ने वायनाड से 622,338 वोट प्राप्त किए, जबकि उनके प्रतिद्वंदी सत्यन मोकेरी को 211,407 वोट मिले, और भाजपा की उम्मीदवार नाव्या हरिदास को 109,939 वोट मिले। यह उनके चुनावी करियर की शुरुआत है और उन्होंने इस जीत के साथ राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
प्रियंका गांधी का राजनीतिक सफर
प्रियंका गांधी का जन्म 12 जनवरी 1972 को नई दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल और दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से की। प्रियंका ने दिल्ली विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में यूनिवर्सिटी ऑफ संडरलैंड, यूके से बौद्ध अध्ययन में पोस्टग्रैजुएट डिप्लोमा किया। प्रियंका गांधी ने 1997 में रॉबर्ट वाड्रा से विवाह किया और उनके दो बच्चे, रेहान और मिराया हैं। हालांकि, प्रियंका ने राजनीति में कदम बहुत देर से रखा। पहले वे अपने परिवार के सदस्यों के लिए चुनाव प्रचार करती थीं। 2004 में वे अपनी मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी के चुनावी अभियानों का हिस्सा बनीं।
राजनीति में कदम रखने की शुरुआत
प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने 23 जनवरी 2019 को कांग्रेस पार्टी महासचिव के रूप में औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखा। इस पद के साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया। 2020 में प्रियंका को पूरे उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया। कांग्रेस को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई कार्य किए, खासकर अमेठी और रायबरेली में।
प्रियंका गांधी ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कमान संभाली और 40% महिला उम्मीदवारों को टिकट देकर महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। हालांकि, कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, और पार्टी को सिर्फ दो सीटें मिलीं।
प्रियंका गांधी की वायनाड से शानदार जीत
प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की वायनाड से उपचुनाव में सफलता ने उनकी राजनीतिक यात्रा को नई दिशा दी है। 17 जून 2024 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रियंका को वायनाड से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। प्रियंका ने इस उपचुनाव में कांग्रेस का चेहरा बनकर चुनावी मैदान में कदम रखा और वायनाड सीट पर शानदार जीत हासिल की।
इस जीत ने कांग्रेस पार्टी के अंदर एक नई ऊर्जा का संचार किया है और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी के आगे बढ़ने की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। प्रियंका गांधी के संसद में कदम रखने से भारतीय राजनीति में एक नई अध्याय की शुरुआत हुई है। वे अब न केवल एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरी हैं, बल्कि गांधी परिवार की उस परंपरा को भी आगे बढ़ा रही हैं, जिसमें परिवार का हर सदस्य संसद के किसी न किसी सदन का हिस्सा रहा है।

