बारिश ने मौसम सुहाना तो कर दिया लेकिन आम आदमी के लिए ये बारिश आंखो में आंसू लेकर आई है। इस प्री मॉनसून से टमाटर के गुस्से से फूल गया है और भी लाल हो गया। अब आप सोच रहें होंगे कि ये हम क्या बातें कर रहें हैं तो चलिए आपको बताते कि हम ऐसी बात क्यों कर रहें हैं दरअसल आम आदमी की सब्जी में सबसे जरूरी टमाटर के दाम में इस बारिश ने दाम बढ़ा दिए हैं।
बारिश से टमाटर की कीमत में आया उछाल
आम आदमी की जेब पर टमाटर की मंहगाई की मार पड़ गई है। रोज सब्जी का स्वाद बढ़ाने वाला टमाटर की कीमत में उछाल आने से रसोई के बजट बिगड़ गया है। थोक मार्केट में ये 65 रुपये से 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है, तो रिटेल में इसकी कीमत ने शतक लगा दिया है।
महीनेभर से टमाटर की कीमत आसमान छुए हुए है। बारिश ही टमाटर को इतना लाल नहीं किया चक्रवाती तूफान बिपरजॉय की वजह से भी टमाटर के उत्पादन पर पड़ा है। इस साल बुआई कम होने से भी उत्पादन में कमी आई है, जिसे कीमतों में बढ़ोत्तरी का कारण माना जा सकता है। केवल टमाटर ही नहीं अन्य कई सब्जियां भी मंहगी हो गई हैं और आम आदमी के आखों से पानी निकलवा रहीं हैं, जेब पर असर डाल रहीं हैं और रसोई का बजट बिगाड़ रहीं हैं। मिर्च खाने के बाद आंखो से आंसू निकलते हैं ऐसे ही इसकी बढ़ी हुई कीमत ने बिना खाए आंखो से आंसू निकाल दिए हैं। 100 रूपये किलो हरी मिर्च ने आम आदमी को बिना खाए रूला रही है और अदरक 250 रुपये किलो की बढ़ोतरी। इस प्री मॉनसून ने आम आदमी की जेब और रसोई घर में आग सी लगा दी है।

