प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड में लगातार पुलिस एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। सीएम योगी ने विधानसभा सत्र में कहा था कि माफियाओं को मिट्टी में मिला देंगे जो बोला वो हो भी रहा है। उमेश पाल के हत्यारों को मिट्टी में मिलाने का काम जारी है। पुलिस ने एक और एनकाउंटर कर अतीक के एक और गुर्गे को ढेर कर दिया है। बताया गया उमेश पाल को पहली गोली मारने वाला विजय कुमार उर्फ उस्मान चौधरी ही था।
उस्मान से पहले पुलिस ने अतकी के सबसे करीबी गुर्गे अरबाज को एनकाउंटर में ढेर किया था। अब दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है, प्रयागराज के कौंधियारा इलाके में ये मुठभेड़ हुई। इस दौरान उस्मान चौधरी को गोली लग गई, उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, हालांकि रास्ते में उसकी मौत हो गई। सूत्रों से ये भी पता लगा है कि विजय कुमार ने कुछ सालों पहले धर्म परिवर्तन कराया था और उस्मान बन गया था।
प्रयागराज पुलिस लगातार ये भी दावा कर रही है कि उमेश पाल हत्याकांड में साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद ने ही जेल से प्लान करके इस साजिश को अपने गुंडो से अंजाम करवाया बतां दें राजू पाल के मर्डर का गवाह था उमेश पाल, अतीक को डर था कि कहीं उसकी पोल ना खुल जाए इसलिए उसने इस प्लान को अंजाम देख उमेश पाल को रास्ते से हमेशा के लिए हटा दिया।
उमेश पाल में आए दिन पुलिस को नई जानकारी भी मिल रही है, अब पुलिस का कहना है कि उमेश पाल का एक जमीन को लेकर अतीक अहमद के साथ विवाद चल रहा था। वहीं पुलिस ऐसा दावा इसलिए कर रही है इस साजिश में मुख्तार अंसारी के तार जोड़कर भी देखा जा रहा है। क्योंकि लखनऊ, बहराइच और यूपी में एसटीएफ की टीम को मुख्तार अंसारी के कई नंबर संदिग्ध और सक्रिय मिले है। उमेश पाल की हत्याकांड का मामला काफी बड़े स्केल पर साजिश रचा हुआ प्लान था।
पुलिस बाकी के शूटरों को भी खोजने में जुटी हुई है, पुलिस ने आशंका जताई है कि 24 फरवरी को उमेश पाल को मारने के बाद सभी शूटरों को मुख्तार अंसारी के लोग बचाने में जुटे हुए हैं। वहीं पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि अतीक का बेटा मोहम्मद असद ने यूपी छोड़कर नेपाल में खुद को छुपा लिया है और बाकी के शूटरों की यूपी में छिपे होने की आशंका है।

